5 सौ साल बाद सजेगा राम दरबार, अयोध्या हो रही तैयार

टीम भारत दीप |

शहर की सजावट त्रेतायुग जैसी भव्यता और दिव्यता का परिचायक बनने जा रही है। 
शहर की सजावट त्रेतायुग जैसी भव्यता और दिव्यता का परिचायक बनने जा रही है। 

भूमिपूजन का यह ब्लूप्रिंट अयोध्या दौरे पर शनिवार को आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है। पीएम मोदी यहां याचक बनकर आएंगे, मगर तैयारी अवध के राजा राम की भव्यता के अनुकूल होगी।

अयोध्या। अयोध्या में राममंदिर के भूमि पूजन की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के ठीक गर्भगृह में मोदी के पूजन का आसन होगा, तो प्रार्थना मंडप में केंद्रीय मंत्रीगण,मुख्यमंत्रीगण, राज्यपाल, संघ प्रमुख समेत तमाम दिग्गज हाथ जोड़े खड़े मिलेंगे। गर्भगृह के चारों तरफ गूढ़ मंडप से संत-धर्माचार्य और वैदिक आचार्य मंत्रोच्चार करते दिखेंगे। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन का यह ब्लूप्रिंट अयोध्या दौरे पर शनिवार को आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है। पीएम मोदी यहां याचक बनकर आएंगे, मगर तैयारी अवध के राजा राम की भव्यता के अनुकूल होगी। 

पूजन के साथ सीटिंग प्लान ठीक 84 हजार 600 वर्गफुट के प्रस्तावित मंदिर के पांचों गुंबद के ठीक नीचे चौहद्दी में किया गया है। परिसर से लेकर समूचे शहर की सजावट त्रेतायुग जैसी भव्यता और दिव्यता का परिचायक बनने जा रही है। 

70 एकड़ के मंदिर परिसर की लोहे की पाइप से बनी सघन चहारदीवारी को भगवा रंग दिया जा रहा है, जहां ऊं लिखे भगवा ध्वज लहराएंगे। मुख्य कार्यक्रम स्थल को किसी भी आंधी-तूफान को झेलने में समर्थ वाटर प्रूफ टेंट से मंदिर के आकार जैसा बनाने का कार्य शुरू हो रहा है। 

कोरोना ने आमजन को मजबूर न किया होता तो, रामनगरी में कार्यक्रम की सुगबुगाहट के साथ ही भक्तों का सैलाब देखने को मिलता। फिर भी अयोध्यावासी अपने घर आंगन से लेकर गली-मोहल्ला, चौराहा और  मठ-मंदिरों को सजाने में जुट गए हैं। 

सांसद लल्लू सिंह कहते हैं कि अवधपुरी प्रभु आवत जानी। भई सकल सोभा कै खानी।।.. जैसा दृश्य उपस्थित होगा। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए जन-जन पलक पांवड़े विछाए इंतजार में हैं। अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता कहते हैं कि  सीएम के जाने के साथ ही तैयारी शुरू हो गई है। 


 
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय कहते हैं कि प्रधानमंत्री जिस दिन अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण प्रारंभ करने के लिए पूजन कर रहे होंगे, वह स्वतंत्र भारत का सर्वाधिक महत्व का अवसर  होगा। सीधा प्रसारण दूरदर्शन द्वारा किया जाएगा, अन्य सभी चैनल भी उसे प्रसारित करेंगे। 


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