लखनऊ में सिंगर के कथित अपहरण की सुलझी गुत्थी, चौंकाने वाला हुआ खुलासा

टीम भारतदीप |

अपहरण की घटना पूरी तरह से असत्य पाई गई।
अपहरण की घटना पूरी तरह से असत्य पाई गई।

फेसबुक के सहारे उम्मीद की किरण पाकर पीड़ितों द्वारा इसी महीने की 9 तारीख को व्हाट्सएप कॉलिंग कर सोनू सिंह को गाना गाने के लिए देहरादून आमंत्रित किया गया। यहां से सोनू सिंह को पीड़ित अपने साथ बिजनौर लेकर चले गए और अपना बकाया 14 लाख रुपए की मांग करने लगे।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में  4 दिन पहले लौलाई चिनहट की रहने वाली सुशीला देवी द्वारा कैसरबाग कोतवाली में दर्ज कराए गए अपने गायक बेटे के अपहरण की गुत्थी को कैसरबाग पुलिस ने सुलझाते हुए शांति देवी के पुत्र सोनू सिंह को जिला बिजनौर में ओमवीर सिंह व विशाल राही के घर से सकुशल बरामद करते कर लिया है।

पुलिस ने जब ओमवीर सिंह, अमित कुमार सिंह, सुमित कुमार सिंह, विशाल राही और अभिषेक को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो अपहरण की बात पूरी तरह से निराधार सामने आई ।

पुलिस के मुताबिक सिंगर सोनू सिंह के पिता पप्पू गौतम द्वारा करीब सवा साल पहले ओमवीर सिंह, अमित कुमार सिंह, सुमित कुमार सिंह ,विशाल राही व अभिषेक कुमार से वन विभाग व सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 1400000 ले लिए गए थे।

कुछ दिन तो पप्पू गौतम इन लोगों को बहाने बताता रहा लेकिन कुछ दिनों के बाद वह परिवार सहित लापता हो गया। पप्पू गौतम द्वारा नौकरी के नाम पर ठगे गए पांचो पीड़ितों ने गूगल और सोशल मीडिया के माध्यम से लापता हुए पप्पू गौतम की तलाश शुरू की तो फेसबुक के माध्यम से पप्पू गौतम के सिंगर पुत्र सोनू सिंह का पता चल गया।

फेसबुक के सहारे उम्मीद की किरण पाकर पीड़ितों द्वारा इसी महीने की 9 तारीख को व्हाट्सएप कॉलिंग कर सोनू सिंह को गाना गाने के लिए देहरादून आमंत्रित किया गया। यहां से सोनू सिंह को पीड़ित अपने साथ बिजनौर लेकर चले गए और अपना बकाया 14 लाख रुपए की मांग करने लगे।

इधर सोनू सिंह की मां द्वारा पुलिस को बताया गया कि उसके सिंगर पुत्र सोनू सिंह का अपहरण कर 1500000 की फिरौती मांगी गई है। पुलिस द्वारा जब गहनता से जांच की गई तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।

इंस्पेक्टर कैसरबाग दीनानाथ मिश्रा के मुताबिक सोनू सिंह का पीड़ितों द्वारा अपहरण नहीं किया गया था बल्कि सोनू सिंह को अपने घर में रखा गया था और फिरौती नहीं बल्कि इन लोगों के द्वारा अपना बकाया 14 लाख रुपया मांगा गया था।

उनके मुताबिक अपहरण की घटना पूरी तरह से असत्य पाई गई और पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए सभी 5 लोगों को छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 5 लोगों से 14 लाख रुपए नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले पप्पू गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
 


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