सात साल में दोगुना हुए रसोई गैस के दाम, डीजल—पेट्रोल से सरकार को मिलने वाले टैक्स में 459% इजाफा

टीम भारत दीप |

केन्द्रीय मंत्री ने ये बात लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कही है।
केन्द्रीय मंत्री ने ये बात लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कही है।

दरअसल बीते सात सालों में रसोई गैस सिलेन्डर के दामों में करीब दोगुना ​वृद्धि हो चुकी है। वहीं पेट्रोल—डीजल के दामों में की गई बढ़ोत्तरी के बाद सरकार को अब तक इससे मिलने वाले टैक्स में कलेक्शन में 459% इजाफा हुआ है। यह बात हम नहीं ​बल्कि सरकार ने खुद ही बताई है।

नई दिल्ली। बेतहाशा रसोई गैस सिलेन्डर के दामों में बढ़ोत्तरी ने जहां आम आदमी के रसोई का बजट बिगाड़ दिया है तो वहीं लगातार पेट्रोल—डीजल के दामों में की गई वृद्धि से आम आदमी अब त्राहिमाम..त्राहिमाम कर रहा है। दरअसल बीते सात सालों में रसोई गैस सिलेन्डर के दामों में करीब दोगुना ​वृद्धि हो चुकी है।

वहीं पेट्रोल—डीजल के दामों में की गई बढ़ोत्तरी के बाद सरकार को अब तक इससे मिलने वाले टैक्स में कलेक्शन में 459% इजाफा हुआ है। यह बात हम नहीं ​बल्कि सरकार ने खुद ही बताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को बताया कि पिछले 7 सालों में घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत दोगुनी होकर 819 रुपए प्रति सिलेंडर हो गई है। जबकि डीजल-पेट्रोल पर टैक्स कलेक्शन में 459% की बढ़ोतरी हुई है। धर्मेंद्र प्रधान ने ये बात लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कही है।

बताया गया कि 1 मार्च 2014 को 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 410.5 रुपए थी जो अब 819 रुपए है। वहीं पेट्रोल की बात करें तो 7 साल पहले पेट्रोल 70 रुपए प्रति लीटर के करीब था जो अब 100 रुपए प्रति लीटर के पार निकल गया है। बताते चलें कि फरवरी में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम 3 बार बढ़े थे।

सरकार ने 4 फरवरी को LPG के दाम में 25 रुपए का इजाफा किया था। उसके बाद 15 फरवरी को 50 रुपए और 25 फरवरी को 25 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। जानकारी के मुताबिक 1 दिसम्बर को घरेलू गैस सिलेंडर 594 रुपए से बढ़कर 644 रुपए हुए थे। 1 जनवरी को फिर से 50 रुपए बढ़ाए गए। इसके बाद 644 रुपए वाला सिलेंडर 694 रुपए हो गया।

वहीं 4 फरवरी को की गई बढ़ोत्तरी के बाद इसकी कीमत 694 रुपए से बढ़कर 719 रुपए हो गई है। फिर 15 फरवरी को 719 रुपए से 769 रुपए हुई और 25 फरवरी को 25 रुपए दाम बढ़ने से इसकी कीमत 769 रुपए से 794 रुपए पर आ गई थी। वर्तमान में इसकी कीमत 819 रुपए पर पहुंच गई है। उधर देश में डीजल-पेट्रोल की कीमतें भी अपने उच्चतम स्तर पर हैं।

हर राज्य में इस पर लगने वाला वैट और टैक्स अलग-अलग हैं। दिल्ली में अभी पेट्रोल 91.17 रुपए और डीजल 81.47 रुपए लीटर हो गया है। 2013 में डीजल-पेट्रोल पर 52,537 करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन हुआ, जो 2019-20 में 2.13 लाख करोड़ हुआ। साल 2020-21 के शुरुआती 11 महीनों में 2.94 लाख करोड़ रुपए का टैक्स जमा हो चुका है।

बताते चलें कि पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइज पर जो अभी 32 रुपए के करीब है, इस पर केंद्र सरकार 33 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। इसके बाद राज्य सरकारें इस पर अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिसके बाद इनका दाम बेस प्राइज से 3 गुना तक बढ़ गया है।


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