आरबीआई की सलाह अधिकारी बरतें सतर्कता, मीडिया कर्मियों से बनाकर रखे दूरी

टीम भारत दीप |

आरबीआई ने 25 जनवरी को भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि पुराने नोट को बदलने संबंधी खबरें गलत हैं।
आरबीआई ने 25 जनवरी को भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि पुराने नोट को बदलने संबंधी खबरें गलत हैं।

बैंकिंग मामलों के जानकारों के मुताबिक यह पहला मौका है जब रिजर्व बैंक ने अपने अधिकारियों को मीडिया से बातचीत नहीं करने की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार अधूरी जानकारी के कारण जनता में भ्रम पैदा होता है। इसलिए कोई भी मीडिया से बात न करें। जनता के बीच किसी तरह का भ्रम न पैदा हो इसलिए यह कदम उठाया गया है।

बैंकिंग डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई ने अपने अधिकारियों की बैठकों पर रोक लगा दी है। इसके अलावा अधिकारियों को मीडिया से बातचीत करने से भी परहेज करने को कहा। आरबीआई ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि किसाी प्रकार की गोपनीय जानकारी लीक न हो। 

आरबीआई ने कर्मचारियों को दी चेतावनी

मालूम हो कि की ओर से 2 फरवरी को एक इंटरनल सर्कुलर जारी किया गया है।  इस सर्कुलर के मुताबिक अधिकारियों के मीडिया से बातचीत पर प्रतिबंध लगाया गया है।

सर्कुलर में कहा गया है, किसी भी बैठक में शामिल होने वाले अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक की नीतियों को सही से परिभाषित करें। इसको लेकर समय-समय पर पत्र जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी परिस्थिति में मीडिया से बातचीत ना करें।

आरबीआई ने पहली बार दी ऐसी चेतावनी

बैंकिंग मामलों के जानकारों के मुताबिक यह पहला मौका है जब रिजर्व बैंक ने अपने अधिकारियों को मीडिया से बातचीत नहीं करने की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार अधूरी जानकारी के कारण जनता में भ्रम पैदा होता है।

इसलिए कोई भी मीडिया से बात न करें। जनता के बीच किसी तरह का भ्रम न पैदा हो इसलिए यह कदम उठाया गया है। । आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न बैठक में शामिल होते हैं। यह औपचारिक और अनौपचारिक बैठकों होती हैं। केंद्रीय बैंक इस बात को लेकर चिंतित है कि इन बैठकों में दिए गए अधिकारियों के बयान को लोग आरबीआई की आधिकारिक राय मान लेते हैं।

पुराने नोट बंद करने की खबरों के बाद जारी हुआ सर्कुलर

हाल ही में मीडिया में खबरें आई थीं कि रिजर्व बैंक 100, 10 और 5 रुपये के पुराने नोट को बदलने की योजना बना रहा है। आरबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान के हवाले से यह खबर आई थी। हालांकि बाद में आरबीआई ने इन खबरों का खंडन किया था।

इसके बाद ही यह सर्कुलर जारी किया गया है। आरबीआई ने 25 जनवरी को भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि पुराने नोट को बदलने संबंधी खबरें गलत हैं।

क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजा सर्कुलर

यह सर्कुलरआरबीआई के डिप्टी जनरल मैनेजर रैंक के अधिकारी की ओर से जारी किया गया है। क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजे सर्कुलर में कहा गया है कि सभी कर्मचारी पॉलिसी को लेकर संवेदनशील रहें। सर्कुलर के मुताबिक, किसी भी राज्य या जिला स्तरीय मीटिंग के दौरान अधिकारी केवल संबंधित बयान दें।

अधिकारियों को गाइडलाइन से अलग बयान ना देने की चेतावनी दी गई है। यह सर्कुलर सभी क्षेत्रीय निदेशक, चीफ जनरल मैनेजर और सभी जोन के ऑफिसर इनचार्ज को भेजा गया है। 


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