यूपी पंचायत चुनाव: मौजूदा ग्राम प्रधानों की बढ़ी दुश्वारियां, उम्मीदवारों ने अपनाए ये हथकंडे!

टीम भारत दीप |

सभी शिकायतें चुनावी रंजिश के चलते तो नहीं की जा रही है।
सभी शिकायतें चुनावी रंजिश के चलते तो नहीं की जा रही है।

मौजूदा ग्राम प्रधानों की दुश्वारियां भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दरअसल यहां पंचायत चुनाव ज्यों—ज्यों नजदीक आते जा रहे है। त्यों—त्यों वर्तमान ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायतें भी ज्यादा मिलने लगी है। ये शिकायतें अधिकतर राशन कार्ड, पट्टा और आवास जैसी सुविधाओं को लेकर प्रतिदिन तहसील और ब्लाक में अधिकारियों के पास पहुंच रही है।

लखनऊ। यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मौजूदा ग्राम प्रधानों की दुश्वारियां भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। दरअसल यहां पंचायत चुनाव ज्यों—ज्यों नजदीक आते जा रहे है। त्यों—त्यों वर्तमान ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायतें भी ज्यादा मिलने लगी है। ये शिकायतें अधिकतर राशन कार्ड, पट्टा और आवास जैसी सुविधाओं को लेकर प्रतिदिन तहसील और ब्लाक में अधिकारियों के पास पहुंच रही है।

इधर पंचायत चुनाव की तैयारियों में प्रशासन के साथ साथ उम्मीदवार भी जुटें हुए हैं। वहीं ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए समाजसेवी भी सामने आने लगे है और यह शिकायतकर्ता की बात अधिकारियों तक पहुचाने में मदद भी कर रहे है।

इसी क्रम में नगराम इलाके में एक गांव के संभावित प्रत्याशी के साथ कई ग्रामीण तहसील पर पट्टे में जमीन नहीं मिलने और अपात्रों को पट्टा मिल जाने की शिकायत लेकर पहुंचे। वे इसकी शिकायत तहसील के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक से कर रहे है। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान पर पट्टा देने के नाम पर हजारों रुपए वसूलने के आरोप भी लगा है।

ऐसे ही आस पास के कई ग्राम में गांव प्रधानों पर योजनाओं का लाभ नहीं देने की शिकायत आ रही है। बताया गया कि इन फरियादियों की मदद समाजसेवी प्रार्थना पत्र लिखवाने से लेकर अधिकारियों तक लाने तक सहायता कर रहे हैं। उधर एसडीएम विकास सिंह के मुताबिक प्रतिदिन मौजूदा ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायतें आ रही है कि प्रधान ने उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं दिया है।

बताया गया कि इन शिकायतों की जांच की जा रही है। साथ ही इसकी भी जांच की जा रही है कि कहीं ये सभी शिकायतें चुनावी रंजिश के चलते तो नहीं की जा रही है।


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