मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नायब तहसीलदारों, प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों को दिया नियुक्ति पत्र

टीम भारत दीप |

प्रदेश सरकार की दृष्टी हर उस परिवार पर है जो इसका लाभ नही मिल पाया है।
प्रदेश सरकार की दृष्टी हर उस परिवार पर है जो इसका लाभ नही मिल पाया है।

स दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर भी हमला किया और कहा कि ये अपने आप में खासतौर में यूपी की उस व्यवस्था के साथ जो 2017 से पहले एक चुनौती थी, इसके साथ आज जो सफलता प्राप्त हुई है इसके लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं। इसके साथ ही कहा कि प्रदेश में राजस्व और तहसीलदार एक मजबूत कड़ी है।

लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यूपीपीएसी (UPPSC) द्वारा चयनित नायब तहसीलदारों, प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों को  नियुक्ति-पत्र वितरण दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चयनियत अभ्यर्थियों से बातचीत भी की। सीएम योगी ने कई से सवाल भी पूछे।

मुख्यमंत्री ने कहा ​कि पारदर्शी व्यवस्था के जरिए चयनित सभी अभियर्थियों को बधाई, आप सभी व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं। एक समय —सीमा के अंदर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आप सभी का चयन हो गया है। बिना किसी के भेदभाव के सिफारिश या लेनदेन आपके साथ नही हुआ है।

पूर्व सरकार पर बोला हमला

इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर भी हमला किया और कहा कि ये अपने आप में खासतौर में यूपी की उस व्यवस्था के साथ जो 2017 से पहले एक चुनौती थी, इसके साथ आज जो सफलता प्राप्त हुई है इसके लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूं।

इसके साथ ही कहा कि प्रदेश में राजस्व और तहसीलदार एक मजबूत कड़ी है। बहुत सारे जनता से जुड़े कार्य इन्ही के जरिये समपन्न होते हैं, इसका मतलब भरत की वय्वस्था से जुड़ी मजबूत कड़ी है। विवाद से जुड़े 60 फिसदी मामले राजस्व से जुड़े हैं। पीएम मोदी ने इस विवाद को खत्म करने के लिए देश के अंदर एक व्यवस्था स्वामित्व योजना की शुरूआत की।

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर आवास ग्राम सभा की जमीन पर बनी होती है, जिसपर किसी का नाम नही होता, लेकिन क्षतिग्रस्त होने पर दबंग लोग उस जमीन पर निर्माण नही होने देते थे।

विस्थापित हिंदु परिवारों को दिया मकान
 

मुझे बताते हुए खुशी है कि इस योजना से जिस व्यक्ति का जहां पर आवास पर भले ही वो जमीन उसके नाम पर ना हो लेकिन उसको स्वामित्व देने के लिए 16267 ग्रामों के लोगों को घरौनी दिलवायी है। उन्होंने कहा कि ये सुविधा प्रदेश के 24 लाख से ज्यादा लोगों को मिला है, ये ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या का निदान है, एक तरीके से अवैध अतिक्रमण था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गरीबों के पास कोई मकान नही था कोई जमीन नही थी उनको लांभावित किया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से जिन हिंदुओं को निकाला गया था और जो मेरठ में दशकों से रह रहे थे

लेकिन अब तक आवास के टुकड़े नही मिल पाए थे, ऐसे 63 बंगाली हिंदु परिवारों को कानपुर देहात में प्रति परिवार दो एकड़ भूमि उपलब्ध करवाकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध करवाये हैं, प्रदेश सरकार की दृष्टी हर उस परिवार पर है जो इसका लाभ नही मिल पाया है।

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