ब्रिटेनः किंग चार्ल्स के छोटे भाई गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल मामलों में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
आज सुबह सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म में 9 बिना नंबर वाली पुलिस कारें और करीब आठ सादे कपड़ों में ऑफिसर पहुंचे थे। यह कार्रवाई शाही घराने के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि वे दोषी जेफ्री पस्टीन के साथ एंड्रयू के लिंक की किसी भी पुलिस जांच में मदद करने के लिए तैयार हैं।
परदेश डेस्क। अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है।
ब्रिटेन की पुलिस ने गुरुवार को किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के शक में गिरफ्तार किया है। बीबीसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेम्स वैली पुलिस ने कहा कि वह पूर्व प्रिंस की ओर से यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ कथित रूप से गोपनीय जानकारी साझा किए जाने की शिकायत की जांच कर रही है।
बता दें कि एंड्रयू का आज ही जन्मदिन है। दरअसल, एपस्टीन मामले में पीड़िता रही वर्जीनिया गिफर ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह 17 साल की थी तब एंड्रयू ने उनका यौन शोषण किया था।
रॉयटर्स के मुताबिक आज सुबह सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म में 9 बिना नंबर वाली पुलिस कारें और करीब आठ सादे कपड़ों में ऑफिसर पहुंचे थे। यह कार्रवाई शाही घराने के उस बयान के बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि वे दोषी जेफ्री पस्टीन के साथ एंड्रयू के लिंक की किसी भी पुलिस जांच में मदद करने के लिए तैयार हैं।
एपस्टीन विवाद में नाम सामने आने के बाद ब्रिटेन के राजघराने ने उनसे पिछले साल प्रिंस का खिताब छीन लिया था। यही नहीं उन्हें विंडसर के महल रॉयल लॉज को भी छोड़ना पड़ा था। जिसके बाद वह नॉरफोक के सैंड्रिंघम में रह रहे है। वही, इस मामले पर किंग चार्ल्स ने कहा है कि कानून अपना काम करेगा।
हाल ही में यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की ओर से जारी किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि पूर्व शाही परिवार ने एपस्टीन के साथ ब्रिटिश ट्रेड के बारे में संवेदनशील जानकारी और दस्तावेज साझा किए थे।
बकिंघम पैलेस के एक प्रवक्ता ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर थेम्स वैली पुलिस शाही परिवार से संपर्क करती है, तो वे ष्उम्मीद के मुताबिक उनका साथ देंगे।ष्
2010 में जेफरी एपस्टीन को एक मौके पर प्रिंस एंड्रयू के साथ भी देखा गया था। बाद में एक इंटरव्यू में एंड्रयू ने दावा किया था कि वे सिर्फ एपस्टीन से अपनी दोस्ती तोड़ने गए थे।
उन्होंने कहा था कि उन्हें एक यौन उत्पीड़न के दोषी के साथ दोस्ती रखने और कई मौकों पर उसके घर पर रुकने का भी खेद है। हालांकि, बाद में एपस्टीन के जो ईमेल और दस्तावेज सार्वजनिक हुए, उनमें सामने आया कि प्रिंस एंड्रयू आगे भी एपस्टीन के संपर्क में रहे।
एपस्टीन पर आरोप लगाने वाली एक महिला वर्जीनिया गिफर ने आरोप लगाया था कि एपस्टीन ने 2000 के दशक की शुरुआत में उन्हें एंड्रयू के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था। एंड्रयू ने इन आरोपों से साफ इनकार किया था और कहा था कि उन्हें लंदन में गिफर से मिलने या तस्वीर खिंचाने की बात याद नहीं है।
हालांकि, 2022 में एंड्रयू ने गिफर को अपने खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के मामले को खत्म करने के लिए करोड़ों की राशि चुकाई थी। एंड्रयू को लेकर बाद में और भी खुलासे हुए। 2025 में एंड्रयू से उनका शाही पद और प्रिंस शीर्षक छीन लिया गया।