काॅलब्वाय बनाने के नाम पर युवाओं को यूं अपना शिकार बना रहीं सोशल मीडिया की फेक ‘हसीनाएं‘

टीम भारत दीप |
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ठगे जाने का पता तब चलता है, जब वह भेजे गए स्थान पर कस्टमर नहीं पाते हैं।
ठगे जाने का पता तब चलता है, जब वह भेजे गए स्थान पर कस्टमर नहीं पाते हैं।

सोशल मीडिया पर लड़कियों की उत्तेजक और अश्लील प्रोफाइल फोटो लगाकर पहले युवाओं को अपने जाल में फंसाया जाता है।

लखनऊ। सोशल मीडिया तमाम प्रतिबंधों के बावजूद पोर्नाग्राफी का अड्डा बना हुआ है। सोशल नेटवर्किंग की आड़ में हर प्लेटफार्म पर देह व्यापार करने वाले अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। काॅल गर्ल के बाद अब काॅल ब्वाय की डीलिंग भी सोशल मीडिया के जरिए हो रही है। 

ऐसे में एक चौकानें वाला मामला सामने आया है, जिसमें काॅल ब्वाय बनाने के नाम युवाओं से ठगी भी हो रही है। सोशल मीडिया पर लड़कियों की उत्तेजक और अश्लील प्रोफाइल फोटो लगाकर पहले युवाओं को अपने जाल में फंसाया जाता है। इसके बाद उनका ब्रेनवाॅश कर देह व्यापार के धंधे में उतरने का लालच दिया जाता है। 

इसमें फंसने वाले ज्यादातर युवा बेरोजगार होते हैं, जो मजे के साथ-साथ कमाई का लालच देखकर आसानी से जाल में फंस जाते हैं। इन आईडी से लड़की बनकर चैटिंग की जाती है और हाईप्रोफाइल महिलाओं के साथ सेक्स और फिर पैसे मिलने की कहानी बुनी जाती है।

सोशल मीडिया की ये फेक हसीनाएं युवाओं को कॉल ब्वाय बनाकर बनारस, लखनऊ, बरेली जैसे शहरों में भेज देती हैं। युवकों को ठगे जाने का पता तब चलता है, जब वह भेजे गए स्थान पर कस्टमर नहीं पाते हैं। 

इस मामले में बनारस और जौनपुर से जुड़ा एक गैंग कई लड़कों को अपने जाल में फंसा चुका है। जौनपुर का युवक सोशल मीडिया के जरिए एक लड़की से मिला। लड़की ने अपने प्रोफाइल में कॉल ब्वाय बनकर लाखों कमाने का जरिया बताया था। लड़के ने इसके बाद आप बीती पुलिस को तो नहीं बताई पर अपने मित्रों को जरूर बता दी। 

बात फैलती गई तो मीडिया के लोगों ने भी उस गैंग का पता लगाने की कोशिश शुरू की। युवक के अनुसार लड़की ने उसे समझाया कि पैसों के आगे कोई चीज मायने नहीं रखती। युवक को भी बड़े पैसों के साथ आनंद लेने का अवसर चाहिए था, लिहाजा वह कॉल ब्वाय बनने के लिए तैयार हो गया। 

इसके बाद लड़की की ओर से एक कंपनी की तरह उसे नियम समझाए गए और हर कस्टमर पर मिलने वाले पैसों पर कमीशन तय कर दिया गया। युवक जब राजी हो गया तो उससे सिक्योरिटी मनी जमा कराने को कह दिया गया। लड़की ने समझाया कि कस्टमर को डन कहने के बाद अगर आप वहां नहीं पहुंचे तो उसकी पेनाल्टी के रूप में सिक्योरिटी मनी से पैसे कटते हैं। 

अन्यथा एक साल बाद पैसे वापस कर दिए जाते हैं। सिक्योरिटी मनी भी गूगल पे या पेटीएम से ही स्वीकार की जाती है। उसके अनुसार शुरू में तो हाय-हेल्लो से चैटिंग शुरू हुई लेकिन जल्द ही यह धन्धे की बातों में तब्दील होने लगी। संपर्क करने वाली लड़की ने रोज खूबसूरत लड़कियों के साथ रातें बिताने के लिए हजारों रुपये मिलने का ऑफर दिया था। 

उस दौरान युवक के मन में उठने वाले सभी सवालों का समाधान कर दिया गया था, लेकिन पैसे जमा करने के बाद उसे बनारस भेज दिया। लड़का जौनपुर से बनारस गया तो वहां उस ठिकाने पर कोई नहीं था। जिस नंबर से बात करने को कहा था वह भी बंद था। इधर भेजने वाली लड़की का भी नंबर बंद हो गया। 

मतलब लड़की युवक के रुपये लेकर चंपत हो गई। इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसी जालसाज सुंदरियों की गैंगों की भरमार है, जिनके जाल में तमाम युवा फंस कर ठगी का शिकार बन चुके हैं। 


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