गोरखपुर में नहर की जमीन पर बसे तीन हजार घरों पर चलेगा बुलडोजर, बनेगा पार्किंग और हाकर्स जोन

टीम भारत दीप |

11 किलोमीटर में फैली नहर की 28.05 एकड़ जमीन नगर निगम को सौंप दी है, नहर पर काफी संख्या में लोगों ने कब्जा कर लिया है।
11 किलोमीटर में फैली नहर की 28.05 एकड़ जमीन नगर निगम को सौंप दी है, नहर पर काफी संख्या में लोगों ने कब्जा कर लिया है।

अवैध कब्जा हटने के बाद इस जमीन का इस्तेमाल पार्किंग, वेंडिंग जोन, स्टैंड आदि के लिए किया जाएगा। नगर निगम ने सोमवार से ही कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। महुई सुघरपुर के पास नलकूप विभाग के छह पुराने कार्यालयों पर अपना ताला लगा दिया। इन कार्यालयों का उपयोग आवास के रूप में हो रहा था।

गोरखपुर। गोरखपुर में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बसे लोगों को अब सख्ती से हटाया जाएगा। ​ननि जमीन मिलते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मालूम हो कि  सिंचाई विभाग ने 11 किलोमीटर की लंबाई में 28.05 एकड़ जमीन नगर निगम को सौंप दी है। शहर के भीतर से गुजरने वाली इस नहर पर हुए अतिक्रमण कर लोगोंं ने निर्माण कर लिया था, जल्द ही नगर निगम बुलडोजर इन अतिक्रमणों को ध्वस्त कर देगा।

इस कार्रवाई की जद तीन हजार से अधिक निर्माण आएंगे। अवैध कब्जा हटने के बाद इस जमीन का इस्तेमाल पार्किंग, वेंडिंग जोन, स्टैंड आदि के लिए किया जाएगा। नगर निगम ने सोमवार से ही कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। महुई सुघरपुर के पास नलकूप विभाग के छह पुराने कार्यालयों पर अपना ताला लगा दिया। इन कार्यालयों का उपयोग आवास के रूप में हो रहा था।

नहर बंद होने के बाद बस गए थे लोग

पथरा से रुस्तमपुर, दाउदपुर होते हुए पैडलेगंज और अन्य स्थानों से होते हुए गुजरने वाली इस नहर के बंद होने के बाद से ही लोगों ने कब्जा कर मकान बनवाना शुरू कर दिया। वर्ष 2013 में हुई इसकी शिकायत के बाद प्रशासन ने 2015 में नहर की जमीन का चिह्नांकन शुरू कराया।

एक-दो बार कब्जा हटाने के बाद अभियान ठप हो गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नहर की जमीन को नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

नगर निगम ने शुरू की कार्रवाई

नगर आयुक्त आशीष कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन बल के प्रभारी कर्नल सीपी सिंह, नायब तहसीलदार सतीश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता देवेंद्र कुमार महुई सुघरपुर पहुंचे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुलदीप मीणा और कानूनगो बीबी सिंह के नेतृत्व में टीम ने नलकूप विभाग के कार्यालयों को खाली कर अपने कब्जे में ले लिया।

आवास बनाकर रहने वालों ने विरोध किया तो सख्ती दिखाते हुए सभी को बाहर कर दिया गया। इसके बाद नगर निगम ने छह कार्यालयों पर अपना ताला लगा दिया।इस विषय में गोरखपुर नगर आयुक्त आशीष कुमार का कहना है कि नलकूप विभाग ने 11 किलोमीटर में फैली नहर की 28.05 एकड़ जमीन नगर निगम को सौंप दी है।

नहर पर काफी संख्या में लोगों ने कब्जा कर लिया है। नगर निगम लगातार अभियान चलाकर कब्जा हटाएगा। इन स्थानों पर पटरी व्यवसायियों के लिए वेंडिंग जोन, पार्किंग स्टैंड, वार्ड क्लीनिक आदि की स्थापना की जाएगी। कब्जा सभी की जानकारी में है इसलिए नोटिस नहीं दिया जाएगा।

सीधे कार्रवाई कर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। वहीं इतनी बड़ी संख्या में लोगों के हटाए जाने का जमकर विरोध होगा, लोगों का कहना है कि जब हम बस रहे थे तो क्यों नहीं रोका गया। जब हमारा आशियाना तैयार हो गया तो अब क्यों हटाया जा रहा है।  
 


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