कानपुर: पीड़ित का आरोप दारू -मुर्गा पार्टी के बाद की मारपीट, पुलिस के सामने उसके पिता की हत्या

टीम भारत दीप |

पुलिसकर्मियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही चापड़, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों से लैस होकर दलित के घर में घुसकर मारपीट की गई, 58 वर्षीय बुजुर्ग को मार डाला गया। घर पर पथराव किया, जिसमें तीन महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। मृतक की पत्नी की हालत गंभीर है। ग्रामीणों के एकजुट होने के बाद आरोपी भाग निकले।

कानपुर।यूपी के कानपुर शहर में खाकी वर्दी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वर्दी के सामने ही कानून की धज्जियां उड़ाई गई। यहां एक परिवार ने सोमवार रात को पुलिस वालों को बुलाकर एक परिवार के साथ जमकर मारपीट की। इस मारपीट में एक 58 साल के वृद्ध की मौत हो गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कानपुर के चौबेपुर के पनऊपुरवा गांव में सोमवार रात एक परिवार ने पुलिस को घर बुलाकर दारू पार्टी कराई इसके बाद।  अपने घर के सामने रहने वाले परिवार पर हमला कर दिया। 

आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही चापड़, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों से लैस होकर दलित के घर में घुसकर मारपीट की गई,  58 वर्षीय बुजुर्ग को मार डाला गया। घर पर पथराव किया, जिसमें तीन महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। मृतक की पत्नी की हालत गंभीर है।

ग्रामीणों के एकजुट होने के बाद आरोपी भाग निकले। वारदात के दौरान घटनास्थल पर मौजूद दो दरोगा और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पनऊपुरवा निवासी रवि शंकर कुरील ने बताया कि वह भाई अमित कुमार के साथ कुछ महीनों से कल्याणपुर में रहकर पुताई का काम कर रहा है।


पुलिस वाले शामिल हुए थे पार्टी में 

पिता आनंद कुमार (58), मां आशा देवी, उसकी पत्नी संदीपा और भाई की पत्नी प्रीति व बच्चे गांव में रहते हैं। घर के सामने ही श्री किशन त्रिवेदी का परिवार रहता है। यह परिवार उन्हें लंबे समय से उन्हें प्रताड़ित करता आ रहा है। इस वजह से दोनों परिवारों में रंजिश चलती है। सोमवार रात श्री किशन केघर दारू पार्टी थी।

पार्टी में चौबेपुर के दो दरोगा गोपी कृष्ण अग्रवाल व रोशन शेर बहादुर भी हेड कांस्टेबल शिवरतन व सिपाही आशीष कुमार के साथ मौजूद थे। रवि का आरोप है कि इसी दौरान श्री किशन के बेटे राजन, गोविंद और शोभित पिता आनंद से गालीगलौज करने लगे। पिता ने विरोध किया तो विवाद होने लगा। इसके बाद पिता घर के अंदर चले गए और दरवाजा बंद कर लिया।

एडीजी ने तीन दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
 
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कुछ ही देर बाद तीनों भाईयों, श्री किशन, उसके भतीजे सुधीर व पुलिसकर्मियों ने भी घर पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी चापड़ और लाठी डंडों से वार किए। इसमें पिता आनंद की मौत हो गई।

मां आशा देवी, संदीपा, प्रीति, पड़ोसी सहेंद्र कुमार व चाचा जगन्नाथ घायल हो गए। इसके बाद सभी आरोपी घर में ताला लगाकर फरार हो गए। एडीजी जोन कानपुर भानु भास्कर ने बताया मामले की जांच आईजी रेंज को सौंपी गई है। तीन दिन के भीतर जांच कर आईजी रिपोर्ट सौंपेगे।

उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मारपीट में घायल परिवार के अन्य सदस्यों का अस्पताल में इलाज जारी है।

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