ऑनलाइन कोठेः सोशल मीडिया पर एक 'Hi' और पिज्जा ऑर्डर की तरह आप को मिल जाएगा सेक्स पार्टनर
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अब तक बड़े शहरों तक सीमित रहने वाला जिस्म का यह व्यापार छोटे-छोटे शहरों तक भी पैर पसार चुका है। आपको केवल लोकेशन बताना है और पूरी सेवा आप तक पहुंचाने की गारंटी दी जाएगी।
संपादक। भारत देश में वेश्यावृत्ति अपराध नहीं है। फिर भी सुनियोजित व्यवस्था के तहत वेश्यावृत्ति करना या कराना अपराध की श्रेणी में आता है। यह कानून की वह परिभाषा है जो वेश्यावृत्ति की संदेहास्पद स्थिति में परिभाषित करती है। यह वजह है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती यूजर्स की संख्या के कारण जिस्म बेचने वाले एजेंट यहां भी पैर पसार चुके हैं।
अगर आप एक अदद इंटरनेट यूजर्स हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, व्हॉट्सएप, टेलीग्राम आदि प्रयोग करते हैं तो अपने लिए सेक्स पार्टनर चुनना कोई कठिन काम नहीं है।
भारत दीप की टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि अब तक बड़े शहरों तक सीमित रहने वाला जिस्म का यह व्यापार छोटे-छोटे शहरों तक भी पैर पसार चुका है। आपको केवल लोकेशन बताना है और पूरी सेवा आप तक पहुंचाने की गारंटी दी जाएगी।
गौर करने वाला बात यह है कि खुले तौर पर सोशल मीडिया में उपलब्ध होने के बाद भी पुलिस और सरकार की इस पर नजर नहीं है। भारत जिस रूढ़िवादी सामाजिक ढांचे का प्रतिनिधित्व करता है वहां यह कतई स्वीकार न हो लेकिन आपके बीच में मोबाइल थामे कौन सा व्यक्ति इस गंदे धंधे की चपेट में है, आप जान भी नहीं पाएंगे।
हम एक जिम्मेदार पत्रकारिता संस्थान होने के नाते पूरी जानकारी तो साझा नहीं करेंगे लेकिन केस स्टडी के माध्यम से इस काले धंधे की हकीकत सामने जरूर लाएंगे।
केस 1
हमारे रिपोर्टर के मोबाइल पर रील स्क्रॉल करते-करते एक एक अकाउंट की जानकारी आती है जिस पर एक युवती आपत्तिजनक रूप में अपने फोटो साझा कर रही है। जब उस अकाउंट को फॉलो किया जाता है। तो हम एक टेलीग्राम अकाउंट पर पहुंचते हैं। जहां हमें ऑनलाइन न्यूड वीडियो कॉल और न्यूड फोटो के ऑफर आते हैं।
हर सुविधा का एक शुल्क तय है, जिसे आपको चुनना है। पेमेंट के सारे तरीके ऑनलाइन हैं और चंद मिनटों में यह सेवा आपको उपलब्ध हो रही है। गौर करने वाली बात है कि इन सारी प्रक्रिया के बीच कोई ऐसा चेक प्वाइंट या वार्निंग साइन नहीं है जो आपको ऐसा करने से रोकता हो।
केस 2
ऑनलाइन सर्विसेज के बाद जब हमने अन्य अकाउंट की पड़ताल की तो पाया कि ऐसे कई अकाउंट और भी हैं जो केवल ऑनलाइन ही नहीं ऑफलाइन भी सेक्स पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा करते हैं। इसके लिए भी पेमेंट की सुविधा ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी है। जगह और स्थान आप भी चुन सकते हैं और सुविधा देने वाले के बताए स्थान पर भी जा सकते हैं।
कई अकाउंट आपको डायरेक्ट लड़कियों के फोटो भी उपलब्ध कराते हैं और कई अकाउंट पहले पैसे देने की शर्त रखते हैं। फिर फोटो उपलब्ध कराने की बात करते हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि यह सब इतने खुले तौर पर उपलब्ध है फिर सवाल यह कि आखिर कानून की नजर इस धंधे पर क्यों नहीं है।
क्या कहता है कानून
भारत में वेश्यावृत्ति को लेकर अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम आईटीपीए 1956 लागू है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की तस्करी, व्यावसायिक यौन शोषण को रोकना है। यह कानून सार्वजनिक स्थान पर वेश्यावृत्ति को गैरकानूनी बताता है और सजा का प्रावधान भी करता है।
अब यह हमारा कानून सोशल मीडिया को सार्वजनिक स्थान की श्रेणी में रखता है या नहीं इस पर बात करें तो बहस छिड़ सकती है। इसके अलावा इस कानून के तहत वेश्यावृत्ति का संगठित रूप भी अपराध की श्रेणी में है।
कोई बताए कि यह संगठित वेश्यावृत्ति नहीं है जहां पूरा सोशल मीडिया अकाउंट ही एक ऑनलाइन कोठा बना हुआ है। इस संदर्भ में पुलिस और कानून को जल्द ही नियम बनाने होंगे। इन पर सख्ती करनी होगी, वरना हाथ में मोबाइन थामे हर व्यक्ति तक यह जहर फैलने में देर नहीं लगेगी।