#ProtestAgainstExamsInCOVID पर 20 लाख से ज्यादा ट्वीट, शिक्षा मंत्रालय में भी मंथन की खबरें

टीम भारत दीप |
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इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।
इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट छात्रों की अपील खारिज करते हुए परीक्षा कराने का आदेश दिया था। इसके बाद परीक्षा के विरोध में सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम और तेज हो गई।

सोशल मीडिया डेस्क। प्रमुख इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थान में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा जेईई और एनईईटी को स्थगित करने की मांग कर रहे छात्रों की मुहिम को सोशल मीडिया पर भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसके बाद खबरें हैं कि शिक्षा मंत्रालय में भी एग्जाम को टालने पर विचार चल रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा को तय समय पर कराने का निर्णय दिया था। 

बता दें कि कोरोना संकट के कारण उपजी परिस्थितियों में जेईई और एनईईटी की परीक्षा कराने के पक्ष में छात्रों का बड़ा वर्ग नहीं है। इस मामले पर देशभर के करीब 11 छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट छात्रों की अपील खारिज करते हुए परीक्षा कराने का आदेश दिया था। इसके बाद परीक्षा के विरोध में सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम और तेज हो गई। 

ट्विटर पर रोजाना टाॅप Trend करने वाले postponeNEETandJEE हैशटैग को शुक्रवार को दुनिया भर से समर्थन मिलने लगा। भारत में कई वरिष्ठ पत्रकारों और विपक्ष के नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर ट्वीट किए। इसके बाद खबर है कि शिक्षा मंत्रालय में भी परीक्षा को टालने पर विचार चल रहा है। हालांकि इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। 

कुछ टीवी चैनलों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर शिक्षा मंत्रालय में मीटिंग भी हुई। हालांकि मंत्रालय के सूत्र अभी इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। विपक्षी छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

सुब्रह्मण्यम स्वामी से मांगा समर्थन 
नीट और जेईई परीक्षा के विरोध में Trend करा रहे छात्रों ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता डाॅ. सुब्रह्मण्यम स्वामी से समर्थन की अपील की। इसके बाद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर परीक्षा को दीपावली के बाद कराने की मांग की थी। 

20 लाख से ज्यादा ट्वीट 
शुक्रवार को ट्विटर पर #ProtestAgainstExamsInCOVID मुहिम को लेकर 20 लाख से ज्यादा ट्वीट किए गए। गायक अदनान सामी ने शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक से छात्रों की अपील पर ध्यान देते हुए एग्जाम स्थगित करने की मांग की।

 

विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने कहा कि सरकार को सिर्फ प्राइवेट स्कूल संचालकों की चिंता है। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने ट्वीट कर कहा कि ऐसे समय में जब स्कूल, कोर्ट, मंदिर सब बंद हैं। माता-पिता भी बच्चों को परीक्षा के लिए नहीं भेजना चाहते फिर भी सरकार क्यों परीक्षा के लिए दबाव बना रही है। 


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