प्रियंका ने की ‘जिम्मेदार कौन?'अभियान की शुरूआत, कोरोना बदइंतजामी को लेकर केन्द्र पर दागे सवाल

टीम भारत दीप |
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प्रियंका गांधी ने केन्द्र सरकार से पूछे सवाल ।
प्रियंका गांधी ने केन्द्र सरकार से पूछे सवाल ।

महासचिव प्रियंका ने सवालिया निशान खड़ा किया कि लेकिन हम यहाँ पहुँचे कैसे? दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पदक में से एक, ऑक्सिजन उत्पादक में से एक, जिस देश के डॉक्टर विश्व भर में मशहूर हैं।आज हम इस मुकाम पर कैसे पहुँचे कि ऑक्सिजन, बेड्स, वैक्सीन की कमी से हमारे देशवासी अपनी जान दे रहे हैं?

लखनऊ। कोरोना की दूसरी लहर में जब मौत का तांडव अपने चरम पर था। व्यवस्था की बदइंतजामी में अपने आंखों के सामने दम तोड़ रहे थे। उस वक्त जिम्मेदार लापता नजर आ रहे थे और अब जब दूसरी लहर थोड़ी धीमी हो गई है। तो फिर एक बार फिर  जिम्मेदार ​मीडिया के जरिए अपनी छवि बनाने में जुट गए है।

ऐसे ही तमाम सवाल खड़े करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा ‘जिम्मेदार कौन?’ के नाम से अभियान शुरू किया गया है। बताया गया कि अभियान के तहत जनता की तरफ से केंद्र सरकार से सवाल पूछें जाएंगे। इस बाबत कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट भी साझा किया है।

प्रियंका गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचानी शुरू की और देश के नागरिक बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। उस समय देश की सरकार से लोगों को उम्मीद थी कि वो इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए पहले की तैयारियों एवं देश में उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए करेगी।

उन्होंने लिखा है कि लेकिन सरकार पूरी तरह से मूकदर्शक मोड में चली गई और पूरे देश में एक पीड़ादायी स्थिति पैदा हुई। यूपी की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी ने फेसबुक पर लिखा है कि देश की सरकार के पास तैयारी के नाम पर केवल लापरवाही की तस्वीर थी।

वैक्सीनों का निर्यात करना, ऑक्सीजन के निर्यात को 2020 में दुगना करना, दूसरे देशों की तुलना में जनसंख्या के अनुपात से बहुत कम वैक्सीन बहुत देर से ऑर्डर करना आदि जैसे कई बिंदु हैं, जिस पर सरकार का व्यवहार एकदम गैर-जिम्मेदाराना रहा।

उन्होंने लिखा है कि दूसरी लहर के दौरान मौतों के आंकड़े बताते हैं कि इसका कहर कितना घातक था। देश भर में नागरिकों की कई सारी दर्दनाक तस्वीरें आईं। पूरे देश ने वे दिन बेहद पीड़ा के साथ काटे। कितनों का कोई प्यारा गुजर गया, हर किसी ने किसी को खो दिया है।

फेसबुक पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि आज जब प्राकृतिक रूप से यह लहर थोड़ी थम रही है तब अचानक सरकार अपनी मीडिया और मशीनरी के द्वारा फिर से दिखने लग रही है। लिखा गया है कि एक बार फिर से हमारे प्रधानमंत्री और उनके मंत्री आगे आकर बयान देने लगे हैं।

महासचिव प्रियंका ने सवालिया निशान खड़ा किया कि लेकिन हम यहाँ पहुँचे कैसे? दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पदक में से एक, ऑक्सिजन उत्पादक में से एक, जिस देश के डॉक्टर विश्व भर में मशहूर हैं- आज हम इस मुकाम पर कैसे पहुँचे कि ऑक्सिजन, बेड्स, वैक्सीन की कमी से हमारे देशवासी अपनी जान दे रहे हैं?

उन्होंने लिखा है कि हर एक भारतीय नागरिक की जान कीमती है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं, उनके प्रति जवाबदेह है। इसीलिए सरकार से हर एक मुद्दे पर बेबाक सवाल पूछे जाने जरूरी हैं। अनगिनत जानें सरकारी लापरवाही के चलते गईं। इसलिए सवाल पूछे जाने जरूरी हैं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के अंत में लिखा है कि आने वाले कुछ दिनों तक मैं ‘जिम्मेदार कौन?’

के तहत आप सबके सामने कुछ तथ्य रखूँगी जिससे मौजूदा दयनीय स्थिति की वजह को आप समझें। आपकी तरफ से मैं केंद्र सरकार से कुछ सवाल पूछूँगी जिनका जवाब देना आपके प्रति उनका कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने जनता से सहयोग और सुझावों के लिए अपील भी की है। 
 


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