मथुरा में हादसे में मारे गए दंपति के शव रखकर लोगों ने लगाया जाम, प्रशासन के इस आश्वासन पर माने लोग

टीम भारत दीप |
अपडेट हुआ है:

सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों द्वारा लगाया गया जाम।
सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों द्वारा लगाया गया जाम।

सड़क दुर्घटना में मृत दंपति सहित किशोर के शव मार्ग पर रखकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। ग्रामीण घटना में घायल बच्ची के उपचार कराने एवं मुआवजे की मांग कर रहे थे।

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में मांट-पानीगांव मार्ग पर बुधवार को हुए हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद गुरूवार को बवाल हो गया। हादसे में मारे गए दंपति और उनके बेटे के शव को सड़क पर रखकर परिवारीजनों और गांव के लोगों ने जाम लगा दिया। 

लोगों की मांग थी कि परिवार को मुआवजा दिया जाए। साथ ही अस्पताल में भर्ती बालिका के इलाज के खर्च की भी व्यवस्था हो। मामले में अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद ही जाम खुल सका। 

बता दें कि कल्याणपुर निवासी भगवान दास अपनी पत्नी भगवान देवी, बेटे धीरज और पुत्री चंचल के साथ बुधवार को राधा रानी मंदिर के दर्शन कर वापस गांव लौट रहे थे। पानीगांव मार्ग पर राधा रानी मोड़ पर सामने से आ रही सैंट्रो कार और उनकी बाइक की टक्कर हो गई। 

हादसे में भगवान दास, उनकी पत्नी और पुत्र धीरज की मौके पर ही मौत हो गई। बेटी चंचल गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भेज दिया गया था। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए।

गुरूवार को जब पोस्टमार्टम गृह से शव वापस आए तो नाराज परिवारीजनों और ग्रामीणों ने मांट-पानीगांव मार्ग पर तीनों शवों को रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि बच्ची का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। मृत दंपति काफी गरीब थे। 

ऐसे में बच्ची के उपचार की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुआवजा दिया जाए। जाम की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।

मौके पर एसडीएम मांट डाॅ. सुरेश कुमार, सीओ मांट रविकांत पाराशर एवं सीओ रमेशचंद्र तिवारी पहुंचे। यहां एसडीएम ने परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने और बच्ची का उपचार कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही जाम खुलवाया जा सका। साथ ही पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि दुर्घटना के आरोपी अनिल फौजी को जेल भेज दिया गया है।

वहीं एक ग्रामीण पवन उर्फ पप्पू ने बालिका के इलाज में सहयोग करने का निर्णय लिया है। उनके इस निर्णय का ग्रामीणों ने स्वागत किया। 


संबंधित खबरें