दस माह बाद जेल से रिहा हुई तंजीन फातिमा, परिवार को देख रो पड़ी

टीम भारत दीप |

दो मामलों में शुक्रवार को रामपुर कोर्ट ने उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए जमानत के आदेश दिए थे।
दो मामलों में शुक्रवार को रामपुर कोर्ट ने उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए जमानत के आदेश दिए थे।

कोर्ट से जमानत के आदेश होने के बाद सोमवार को सीतापुर जेल में उनकी रिहाई का आदेश पहुंच गया था। इसके बाद छोटा बेटा अदीब आजम और बहु सिदरा समेत कई सपा नेता भी जेल पहुंचे थे। जेल से निकलते ही वह अपने बहु बेटे से लिपट गई।

रामपुर। विभिन्न आरोपों में 10 माह से जेल में बंद सपा नेता आजम खान की पत्नी को ​आखिरकार 10 माह बाद रिहा कर दिया गया। सोमवार को रामपुर शहर विधायक तंजीन फातिमा सीतापुर जेल से रिहा की गईं।

मालूम हो कि तंजीन फातिमा के ऊपर 34 मुकदमे दर्ज हैं। सभी मामलों में उन्हें जमानत मिल गई है। इनमें से दो मामलों में शुक्रवार को रामपुर कोर्ट ने उनकी उम्र और बीमारी को देखते हुए जमानत के आदेश दिए थे।

परिवार पहुंचा था रिसीव करने के लिए

कोर्ट से जमानत के आदेश होने के बाद सोमवार को सीतापुर जेल में उनकी रिहाई का आदेश पहुंच गया था। इसके बाद छोटा बेटा अदीब आजम और बहु सिदरा समेत कई सपा नेता भी जेल पहुंचे थे। जेल से निकलते ही वह अपने बहु बेटे से लिपट गई। इसके बाद उन्हें पूर्व विधायक के आवास पर ले जाया गया। जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की।

न्यायपालिका पर जताया भरोसा

रामपुर विधायक ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि मैं कॉलेज में प्रोफेसर रही हूं। कभी मेरे चरित्र पर कोई दाग नहीं लगा है। लेकिन, देखते ही देखते मेरे ऊपर कितने मुकदमे लाद दिए गए। आखिरकार आज सच की जीत हुई है।

 बेटे के दो जन्म प्रमाण पत्र से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार आजम खान, उनकी पत्नी व बेटे के खिलाफ फरवरी 2020 में रामपुर के अपर जिला न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की अदालत ने कुर्की का वारंट जारी किया था। यह वारंट पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने से संबंधित मुकदमे में जारी किए गए थे। अदालत में पेश न होने के कारण तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट पहले ही जारी किए जा चुके थे।

तीनों ने अपर जिला न्यायाधीश की अदालत में समर्पण किया था। जहां उन्हें दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। सांसद आजम समेत तीनों नेताओं को रामपुर जेल में रखा गया था।

कानून व्यवस्था का हवाला देकर तीनों को सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। जिसके बाद से परिवार जेल में ही रहा। अभी सांसद आजम खां और उनके पुत्र को जमानत नहीं मिल सकी है। 


संबंधित खबरें