अमेरिकी राष्ट्रपति बोले, भारत को दिलाएंगे सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता, भारतीयों की करेंगे रक्षा

टीम भारत दीप |

बाइडेन के चुनाव अभियान द्वारा जारी एक नीतिगत दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है।
बाइडेन के चुनाव अभियान द्वारा जारी एक नीतिगत दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है।

एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बाइडेन और कमला हैरिस को जीत की बधाई दी, और रिश्तों को मजबूत करने की बात कही थी।

अमेरिका। विश्व के सबसे शक्तिशली देश की कमान संभालने वाले नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बायडेन का भारत के प्रति रुख नरम रहने के संकेत आ रहे है।

बाइडेन के पूर्व में दिए बयान के अनुसार वह दोनों देशों के रिश्तों को आगे ले जाने में विश्वास रखते हैं। मालूम हो कि वर्ष 2006 में ही जो बाइडेन ने एक ऐतिहासिक बयान दिया था कि 2020 में भारत और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका दो सबसे करीबी देश होंगे।

इसके बाद भारत-अमेरिका के बीच परमाणु करार हुआ,इसमें जो बायडेन ने अहम भूमिका निभाई थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी वो भारत की दावेदारी का समर्थन करेंगे।

अभी तक कयास लगाए जा रहे थे, कि भारत और अमेरिका के रिश्त में बदलाव आ सकता है क्योकि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भारत के जम्मू कश्मीर से धारा 170 हटाने का विरोध करती आ रही थी। 

अमेरिकी  राष्ट्रपति  के विचार अनुसार उनकी सरकार भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य बनवाने में मदद करेगी, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग जारी रखेगी और इसी तरह के अन्य फैसलों के साथ भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने को उच्च प्राथमिकता देगी।

इस नीति-पत्र की मानें तो जो बायडेन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का समर्थन करेंगे। एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बाइडेन और कमला हैरिस को जीत की बधाई दी, और रिश्तों को मजबूत करने की बात कही थी।  

आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और व्यापार जैसे कई अहम मुद्दों पर जारी एक नीति पत्र में ‘जो बायडेन कैम्पेन टीम’ ने भारत के साथ रिश्तों पर भी गर्मजोशी से काम करने की बात कही थी।

अब 2006 में दिए गए उनके बयान के हिसाब से इस साल तो नहीं, लेकिन जनवरी 20, 2021 से शुरू होने वाले उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान वो अपने इस सपने को साकार करने पर निश्चित रूप से काम शुरू कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में आधिकारिक बहस में भाग लेते हुए जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ट्रंप ने भारत को ‘गंदा’ बताया था, जिसके बाद बायडेन ने उनकी आलोचना की थी।

नीति पत्र में ये भी कहा गया है कि बायडेन ने ओबामा के साथ मिल कर रणनीति, रक्षा, आर्थिक, क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में अपनी ताकत झोंक दी थी।

जलवायु परिवर्तन और द्विपक्षीय व्यापार में कई गुना वृद्धि की दिशा में काम करने जैसे कई मुद्दों पर उन्होंने भारत का साथ देने की बात कही थी।  बायडेन ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में और बराक ओबामा प्रशासन में उप राष्ट्रपति के रूप में सामारिक सहयोग को प्रगाढ़ करने में, लोगों के बीच संबंधों को गहरा करने और वैश्विक चुनौतियों पर भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके अलावा अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन पांच लाख भारतीयों समेत लगभग 1 करोड़ 10 लाख ऐसे आप्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता प्रदान करने का रोडमैप तैयार करेंगे, जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं।

इसके अलावा वह सालाना न्यूनतम 95,000 शरणार्थियों को अमेरिका में प्रवेश दिलाने की प्रणाली भी बनाएंगे। बाइडेन के अभियान द्वारा जारी एक नीतिगत दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है। 


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