मुख्तार-अतीक के बाद अब अबू सलेम की बारी,खुफिया विभाग जुटा रही बेनामी संपत्ति की जानकारी

टीम भारत दीप |
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अब डान से संबंध रखने वालों की नींद उड़ने लगी है।
अब डान से संबंध रखने वालों की नींद उड़ने लगी है।

उत्तर प्रदेश सरकार अब अंडरव‌र्ल्ड डान अबू सलेम पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। सलेम से जुड़ी बेनामी संपत्तियों को तलाशने के लिए खुफिया विभाग को निर्देश दिए गए है। अंदरखाने में शुरू हुई कवायद से बहुतों की नींद उड़ गई है।

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार अब अंडरव‌र्ल्ड डान अबू सलेम पर कार्रवाई करने के मूड में है। सलेम से जुड़ी बेनामी संपत्तियों को तलाशने के लिए खुफिया विभाग को निर्देश दिए गए है।

अब डान से संबंध रखने वालों की नींद उड़ने लगी है। ऐसे लोग अब अपने डॉन से संबध छिपाने में जुटे है।  मालूम हो कि आजमगढ़ के सरायमीर के पठानटोला के रहने वाले एक वकील का पुत्र अबू सालिम अंसारी उर्फ सलेम है।

सलेम ने शुरू में मोटर मैकेनिक का काम किया। मुंबई में  रहने के दौरान उसकी पहचान दाउद इब्राहिम से हुई तो उसने अपराध की दुनिया में एक मुकाम बनाया। 1993 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट में नाम उछला तो सुर्खियों में छा गया।

दाउद से बगावत के बीच उसकी धमक अंडरव‌र्ल्ड में बढ़ती चली गई। फिलहाल, पुर्तगाल में गिरफ्तारी, फिर प्रत्यर्पण पर भारत लाए जाने के बाद से वह सलाखों के पीछे है। चार भाइयों अबू हाकिम उर्फ चुनचुन, अबू सलेम, एजाज अहमद, अबुल जैश एवं एक बहन अंजुम हैं, जिनमें सलेम दूसरे नंबर पर है।

अबू जैश ने ही सलेम की फर्जी पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी। उसके एक भाई का लखनऊ में रेस्टोरेंट व प्लाटिग का काम है। जिले में उसके गुर्गे आज भी सक्रिय हैं।यूं तो अबू सलेम आजमगढ़ में वर्ष 2007 में अपनी अम्मी के निधन, फिर उनके 40वां में आया था।

उसके बाद वर्ष 2018 में उसने छह अप्रैल को एक प्रार्थनापत्र सरायमीर थाने में देते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। उसने कहा कि वर्ष 2017 में उसकी पुश्तैनी जमीन पर दूसरे लोगों ने अपना नाम चढ़वा लिया है। उसका दूसरा पहलू उसके चुनाव लड़ने की ख्वाहिशों के बाद दिखा था।

जब उसके मुंबई में रहते रातों रात मुबारकपुर के कई इलाकों में पोस्टर लगा दिए गए। वर्ष 2007 में आजमगढ़ में खुद के प्रति लोगों की दीवानगी देख उसके मन में चुनाव की इच्छा जगी थी। उसके वकील ने वोटर लिस्ट में नाम चढ़वाने के लिए आवेदन भी किया, लेकिन बात नहीं बनने पर उत्साह ठंडा पड़ गया था।

मालूम हो कि सलेम ने काली कमाई से अकूत संपत्ति एकत्र की है। उसने अधिकांश संपत्ति अपने परिचितों के नाम की है। ऐसे में सरकार इस बेनामी संपत्ति के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए खुफिया विभाग को अलर्ट किया गया है। 

मालूम हो कि इस समय प्रदेश में मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, विजय मिश्रा समेत कई रसूखदार लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।इसी क्रम में अब अबू सलेेम पर कार्रवाई होने की संभावना बढ़ रही है।   


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