इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की छात्रा ने हाथ की नस काटकर फोटो व्हाट्सएप ग्रुप में डाली, जानिए वजह

टीम भारत दीप |

विश्वविद्यालय के अफसरों ने छात्रा की पहचान कराने के लिए  उसका आई कार्ड निकलवाया।
विश्वविद्यालय के अफसरों ने छात्रा की पहचान कराने के लिए उसका आई कार्ड निकलवाया।

इलाहाबाद विवि में हिंदी विभाग के शिक्षकों ने छात्रों और शिक्षकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। बुधवार को बिहार की रहने वाली एक छात्रा ने एक एप्लीकेशन पोस्ट की। छात्रा ने लिखा कि ऑनलाइन कक्षा के दौरान नेटवर्क की समस्या होने के कारण कक्षा नहीं ले पा रही थी, तो परीक्षा हम कैसे देंगे?

प्रयागराज। बिहार की रहने वाली एक छात्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी की पढ़ाई करती है। छात्रा की परेशानी यह है कि वह आनलाइन क्लास अटेंड नही कर पाई थी, इधर परीक्षा होने वाली है, ऐसे में छात्रों ने अपनी समस्या अ​पने शिक्षकों को बताई, लेकिन उसकी समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

इसके बाद परेशान छात्रा ने खुदकुशी करने की कोशिश की।  छात्रा ने खुदकुशी का फोटो विवि के हिन्दी विभाग की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिया। फोटो देखते ही हड़कंप मच गया।

एक फोटो में उसने हाथ की नस काटकर फोटो पोस्ट की थी, दूसरी फोटो में उसके गले में फंदा था.।छात्रा ने एप्लीकेशन में लिखा था कि आनलाइन कक्षा नहीं कर पाई, अब परीक्षा कैसे दें? शिक्षकों से शिकायत की लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसलिए वह यह कदम उठा रही है. इस पूरे मामले को कर्नलगंज पुलिस के संज्ञान में दिया गया है।

आपकों बता दें कि इलाहाबाद विवि में हिंदी विभाग के शिक्षकों ने छात्रों और शिक्षकों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। बुधवार को बिहार की रहने वाली एक छात्रा ने एक एप्लीकेशन पोस्ट की। छात्रा ने लिखा कि ऑनलाइन कक्षा के दौरान नेटवर्क की समस्या होने के कारण कक्षा नहीं ले पा रही थी, तो परीक्षा हम कैसे देंगे?

उसने लिखा कि इसकी शिकायत विभाग के दो शिक्षकों से की, लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं किया गया, इससे आहत होकर उसने हाथ की नस काट ली।इसके बाद उसने अपनी एक फोटो वायरल कर दी, जिसमें उसके गले में फंदा लगा हुआ था।

छात्रा ने दो शिक्षकों की फोटो भी पोस्ट की जिनसे उसने शिकायत की थी। व्हाट्सएप ग्रुप में खुदकुशी के प्रयास की फोटो पोस्ट होते ही हड़कंप मच गया। इसके बाद विश्वविद्यालय के अफसरों ने छात्रा की पहचान कराने के लिए  उसका आई कार्ड निकलवाया, उसकी पहचान बिहार के सीवान की रहने वाली छात्रा के रूप में हुई।

विश्वविद्यालय के अफसरों ने उसके पिता से बात की, विश्वविद्यालय के अफसरों ने इस पूरे मामले को कर्नलगंज पुलिस को बताया है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज ने बताया कि छात्रा बिहार की रहने वाली है, वहां की पुलिस को सूचना भेज दी जाएगी, पीआरओ डाक्टर जया कपूर ने बताया कि छात्रा ने शिक्षकों को धमकाया है, शिकायत पुलिस से कर दी गई है। वही पुलिस प्रशासन अब ​छात्रा के बारे में पता कर रहा है। 

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