तबादले के बीच नए तबादले के आदेश से भ्रम में पड़े शिक्षक, नियमों को लेकर भी संशय

टीम भारत दीप |

प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं।
प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं।

पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया भी गतिमान है। ऐसे में तबादले के दो आदेशों से शिक्षक भी भ्रम की स्थ्तिि में आ गए हैं। सरकार ने अभी सामान्य तबादलों के नियम भी स्पष्ट नहीं किए हैं।

एजूकेशन डेस्क। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग ने आठ साल बाद जिले के अंदर सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू की है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे प्रयास यह है कि जो विद्यालय एकल या शिक्षकविहीन हैं और जहां ज्यादा शिक्षक हैं, इनका आपस में संतुलन बनाया जा सके। हालांकि यह आदेश केवल जिले के भीतर ही नहीं जिले के बाहर ट्रांसफर के लिए भी है। 

दूसरी ओर पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया भी गतिमान है। ऐसे में तबादले के दो आदेशों से शिक्षक भी भ्रम की स्थ्तिि में आ गए हैं। सरकार ने अभी सामान्य तबादलों के नियम भी स्पष्ट नहीं किए हैं। 

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं। यहां पर पास के शिक्षक या शिक्षामित्रों को तैनात कर पढ़ाई कराई जा रही है। इसी तरह 9100 से अधिक विद्यालय में एक नियमित शिक्षक हैं। इसके साथ ही शिक्षामित्र व अनुदेशक भी तैनात हैं। जबकि काफी स्कूल ऐसे भी हैं, जहां पर बच्चों की संख्या के अनुपात में अधिक शिक्षक तैनात हैं।

विभाग का कहना है कि सामान्य तबादलों से इन शिक्षकविहीन व एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में ज्यादा शिक्षक वाले विद्यालयों का संतुलन बनेगा। यही वजह है कि आठ साल बाद हो रहे जिले के अंदर व एक साल बाद हो रहे एक से दूसरे जिले में सामान्य तबादलों का मुख्य आधार यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध छात्र संख्या के आधार पर आरटीई के मानकों को बनाया है। दूसरी ओर सामान्य तबादलों में महिला, दिव्यांग व पति-पत्नी के आधार पर मिलने वाले अंकों का फिलहाल कोई जिक्र नहीं है। 

शासन की ओर से जारी तबादला निर्देश में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले स्कूलों व जिलों को चिह्नित किया जाएगा। इनकी सूचना भी पोर्टल पर ऑनलाइन जारी की जाएगी। इसके अनुसार शिक्षक अपना 10 प्राथमिकता वाला विकल्प देंगे। विभाग शिक्षकों का तबादला उनकी स्वेच्छा से ही ज्यादा से कम शिक्षक संख्या वाले विद्यालयों व जिलों में करेगा।

छुट्टियों में हो सकती है प्रक्रिया पूरी
बेसिक शिक्षा विभाग ने 2023 में एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की प्रक्रिया 24 दिन में पूरी की थी। इसमें 16614 शिक्षकों को तबादले का अवसर मिला था। ऐसे में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस साल भी गर्मी की छुट्टियों में ही सामान्य तबादला करने की तैयारी है। बता दें कि वर्तमान में जिले के अंदर और एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले की प्रक्रिया पहले से चल रही है।

वर्तमान तबादलों पर असर
प्रदेश में चल रही परस्पर तबादले की प्रक्रिया के बीच शासन ने सामान्य तबादले का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षक नेताओं की माने तो इसका असर वर्तमान में चल रही प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने बताया कि सामान्य तबादले में कहा गया है कि आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले स्कूलों व जिलों को चिह्नित किया जाएगा। इसके अनुसार आवश्यकता वाले स्कूलों व जिलों में शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।

ऐसे में अगर परस्पर तबादला पाने वाला शिक्षक, जहां आ रहा है। वहां पहले से शिक्षकों की संख्या बेहतर है तो सामान्य तबादले में वह फिर कहीं भेजा जा सकता है। हालांकि शासन ने स्पष्ट किया है कि तबादला स्वेच्छा से ही किया जाएगा। वहीं सामान्य तबादले में जाने वाला शिक्षक संबंधित जिले में वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे होगा। इसकी वजह से भी काफी शिक्षक तबादला नहीं लेना चाहेंगे। क्योंकि उनकी वरिष्ठता प्रभावित होगी।


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