आगरा में दो भाईयों का विवाद निपटाने गए दरोगा की गोली मारकर हत्या, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

टीम भारत दीप |

सूचना पर एसएसपी बबलू कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंच गए।
सूचना पर एसएसपी बबलू कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंच गए।

दरोगा प्रशांत गांव में हंगामा करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसे लेकर थाने जा रहे थे, दरोगा की गोली मारकर हत्या करने की खबर मिलते ही मिलते ही तमाम जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए, दरोगा को गोली लगने पर अस्पताल ले जाया गया।

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में फिर दुस्साहस भरी वारदात सामने आई है। यहां एक दबंग ने विवाद सुलझाने गए दरोगा पर तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से दरोगा की मौके पर ही मौत हो गई।

दरोगा की मौत से पूरे जिले में सनसनी फैली हुई है। जानकारी के अनुसार आगरा के खंदौली के गांव नहर्रा में दो भाइयों के बीच हुए विवाद में मौका मुआयना करने गए दरोगा प्रशांत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दरअसल दरोगा प्रशांत गांव में हंगामा करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था और उसे लेकर थाने जा रहे थे, इसी बीच गिरफ्तार आरोपी ने ही दरोगा को गोली मार दी।

दरोगा की गोली मारकर हत्या करने की खबर मिलते ही  मिलते ही तमाम जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए, दरोगा को गोली लगने पर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने दरोगा प्रशांत को मृत घोषित कर दिया।

शाम करीब सात बजे का मामला

दरअसल खंदौली के गांव नहर्रा में शिवनाथ सिंह का अपने छोटे भाई विश्वनाथ सिंह से आलू खुदाई को लेकर बुधवार सुबह विवाद हो गया। मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। इस घटना की सूचना मिलने पर दरोगा प्रशांत विवाद सुलझाने पहुंच गए, उनकी मौजूदगी में आलू खुदाई हुई।

शाम करीब सात बजे पुलिस ने विश्वनाथ को हंगामा करने पर पकड़ लिया और अपने साथ लेकर आने लगी, इसी दौरान विश्वनाथ ने तमंचा निकालकर दरोगा पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से दरोगा प्रशांत  की मौके पर मौत हो गई। इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना पर एसएसपी बबलू कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंच गए।पुलिस ने आरोपी विश्वनाथ को गिरफ्तार कर लिया है और दरोगा प्रशांत के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दरोगा के हत्या की जानकारी मिलते ही जिले के तमाम आला अधिकारी गांव में पहुंच गये हैं और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

शहीद दरोगा प्रशांत की हत्या पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही सीएम योगी ने शहीद दरोगा के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके साथ सीएम ने शहीद दरोगा के नाम पर एक सड़क का नाम रखने की घोषणा की है और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है।

आरोपी के परिवार के लोग फरार

दरोगा प्रशांत की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी के परिवार के लोग भी फरार हो गए हैं। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही है लेकिन अभी तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं।

वहीं इस मामले में जानकारी सामने आ रही है कि आरोपी विश्वनाथ जब आरोपी रास्ते में खड़े होकर अपने बड़े भाई शिवनाथ को धमकी दे रहा था,उसके यहां दूध लेकर आने वाले आसपास के गांवों के दूधियाओं को धमकाया था,आरोप है कि विश्वनाथ ने धमकी दी थी, कि वह खेत से आलू की खोदाई नहीं करने देगा, आलू खोदाई में उसका साथ दिया तो उसे गोली मार देगा, कोई दूध भी नहीं लेकर आएगा।

शिवनाथ की बेटी लक्ष्मी का कहना है कि चाचा विश्वनाथ और पिता शिवनाथ के बीच 7 बीघा जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है, यह जमीन उसके दादा विजय सिंह की है।

जिसे विजय सिंह ने पट्टे पर पिता शिवनाथ को दिया था,इस खेत में आलू की बुवाई की थी, और अब खुदाई होनी थी, मगर चाचा विश्वनाथ लगातार आलू की खुदाई नहीं करने दे रहे थे, बुधवार सुबह और दोपहर में भी आलू की खुदाई को लेकर झगड़ा हुआ था।

शाम को जब चाचा विश्वनाथ ने रास्ते में दूध लेकर आने वाले दूधिया धमकाए थे। तब पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस आई तो विश्वनाथ में फायरिंग कर दी थी, जिसमें दरोगा की मौत हो गई।


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