हाथरस गैंगरेपः पीड़िता के गांव जा रहे प्रियंका-राहुल का काफिला एक्सप्रेसवे पर रोका गया, पैदल मार्च शुरू

टीम भारत दीप |

दोनों अब हाथरस के लिए पैदल मार्च कर रहे हैं।
दोनों अब हाथरस के लिए पैदल मार्च कर रहे हैं।

बिटिया के गांव को जाने वाले सभी रास्तों को रोक दिया गया हैस वहीं कांग्रेस के कुछ नेता राहुल और प्रियंका को अपने साथ लाने के लिए दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच गए हैं।

गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश के हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता की मौत के बाद देशभर में गुस्सा है। पीड़िता की मौत के बाद उसका जबरन अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। 

सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार विपक्ष के निशाने पर है। इसी बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने के लिए दिल्ली से रवाना हो गए हैं। 

उन्हें युमना एक्सप्रेस वे पर रोक दिया गया है। प्रशासन ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में दोनों नेता पैदल ही हाथरस के लिए मार्च कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। 

राहुल और प्रियंका के काफिले को प्रशासन ने आगे जाने की अनमति नहीं दी। प्रियंका के ओएसडी ने कहा कि प्रियंका और राहुल को यूपी पुलिस ने रोक लिया है। दोनों अब हाथरस के लिए पैदल मार्च कर रहे हैं। एक्सप्रेस वे से हाथरस की दूरी 142 किलोमीटर है।
 
मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा, न बेटी बच पा रही है, न पढ़ पा रही है। खरगोन में भी हाथरस जैसी घटना हुई। अभियुक्त को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में भेजा जाना चाहिए और उन्हें फांसी दी जानी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए।
 

वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बिटिया के गांव आने की सूचना पर पुलिस प्रशासन बेहद अलर्ट हो गया है। जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं और सघन चेकिंग कराई जा रही है। बिटिया के गांव को जाने वाले सभी रास्तों को रोक दिया गया हैस वहीं कांग्रेस के कुछ नेता राहुल और प्रियंका को अपने साथ लाने के लिए दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच गए हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के बारां में हुई घटना की तुलना हाथरस से होने को दुर्भाग्य बताया है। उन्होंने कहा, हाथरस में हुई घटना बेहद निंदनीय है, उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है लेकिन दुर्भाग्य से राजस्थान के बारां में हुई घटना को हाथरस की घटना से कंपेयर (तुलना) किया जा रहा है। 

जबकि बारां में बालिकाओं ने स्वयं मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए 164 के बयानों में अपने साथ ज्यादती नहीं होने एवं स्वयं की मर्जी से लड़कों के साथ घूमने जाने की बात कही। बालिकाओं का मेडिकल भी करवाया गया एवं अनुसंधान में सामने आया कि लड़के भी नाबालिग हैं, जांच आगे भी जारी रहेगी। 

घटना होना एक बात है और कार्यवाही होना दूसरी, घटना हुई तो कार्यवाही भी तत्काल हुई। इस केस को मीडिया का एक वर्ग और विपक्ष हाथरस जैसी वीभत्स घटना से कंपेयर करके प्रदेश और देश की जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, वे (कांग्रेस नेता) राजस्थान का दौरा क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी राजस्थान में हो रही घटनाओं पर जवाब नहीं देंगे? वे जिले का दौरा कर इस मुद्दे पर (हाथरस दुष्कर्म की घटना) राजनीति करना चाहते हैं।


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