पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान जारी, शाह ने ममता पर यूं कसा तंज

टीम भारत दीप |

बांकुरा से पहले अमित शाह ने रैली को वर्चुअल ही संबोधित किया था।
बांकुरा से पहले अमित शाह ने रैली को वर्चुअल ही संबोधित किया था।

चुनावी समर में आज एक ओर जहां व्हीलचेयर पर ममता ने चुनावी रैली को सम्बोधित कर भावनात्मक रूप से लोगों से जुड़ने की कोशिश की तो वहीं दूसरी ओर अमित शाह ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए उन पर चुटकी भी ली।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान जारी है। चुनावी समर में आज एक ओर जहां व्हीलचेयर पर ममता ने चुनावी रैली को सम्बोधित कर भावनात्मक रूप से लोगों से जुड़ने की कोशिश की तो वहीं दूसरी ओर अमित शाह ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए उन पर चुटकी भी ली।

दरअसल बांकुरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि मेरा हेलिकॉप्टर खराब हो गया, मगर मैं इसमें किसी की साजिश नहीं बताऊंगा। ममता पर चुटकी लेते हुए अमित शाह ने कहा कि आज मैं थोड़ा लेट हो गया क्योंकि मेरा हेलिकॉप्टर खराब हो गया।

लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि इसमें किसी की साजिश थी। अमित शाह ने आगे ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आयोग कह रहा है कि उन्हें लगी चोट एक हादसा थी, जबकि ममता बनर्जी का कहना है कि इसके पीछे साजिश थी। शााह ने कहा कि ममता बनर्जी के पैर में चोट लग गई है।

मगर इसका पता नहीं चला है कि यह कैसे लगी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी का कहना है कि इसके पीछे कोई साजिश है, लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि यह एक हादसा था। उन्होंने कहा कि दीदी आप पूरे पश्चिम बंगाल में व्हीलचेयर पर घूम रही हैं।

अपने पैर को लेकर चिंता है, लेकिन आपको हमारे 130 कार्यकर्ताओं की माताओं के लिए कोई दर्द नहीं है, जिनके बच्चों को मार डाला गया।  बताते चलें कि बांकुरा से पहले अमित शाह का झारग्राम में रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम था, लेकिन ऐन वक्त पर हेलिकॉप्टर में खराबी के कारण उन्होंने रैली को वर्चुअल ही संबोधित किया था।

दूसरी ओर सीएम ममता बनर्जी भी पुरुलिया जिले के बाघमुंडी इलाके में रैली को संबोधित करने के लिए व्हीलचेयर पर पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक अपने सम्बोधन में ममता बनर्जी ने खुद के घायल होने का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे चोट लगी, लेकिन सौभाग्य से बच गई।

ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे चोट लगी, लेकिन फिर भी निकलना पड़ा। इसकी वजह यह है कि मेरे दर्द से ज्यादा दर्द राज्य के लोगों का है। उन्होंने आगे कहा कि मैं उन्हें छोड़ नहीं सकती। आदिवासी बहुल इलाके पुरुलिया के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक दौर में यहां काफी आतंक था।

जिस पर लगाम कसी गई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आदिवासियों के हित में कानून बनाए हैं। उनके लिए काफी काम किया है।


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