अचानक ज़मींदोज़ हो गई कई दुकानें, लाखों का नुकसान, बाल-बाल बचे लोग

टीम भारतदीप |

सोमवार की सुबह गिरी पांचों दुकानें हुसैनाबाद ट्रस्ट के अधीन आने वाली जमीन पर बनी थी।
सोमवार की सुबह गिरी पांचों दुकानें हुसैनाबाद ट्रस्ट के अधीन आने वाली जमीन पर बनी थी।

पांच दुकानों के जमींदोज होने के कारण दुकानों का मलबा दुकानों के पीछे बने मकान पर जा गिरा जिससे मकान में रहने वाले 5 लोग तो बाल-बाल बच गए लेकिन उनके घर गृहस्थी का सामान पूरी तरह से तबाह हो गया।

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी के पुराने लखनऊ इलाके में स्थित काले इमामबाड़े के बराबर हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर बनी पांच स्पेयर पार्ट्स की दुकानें अचानक सोमवार की जमींदोज हो गई । इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना में लाखों का नुकसान बताया जा रहा है।

गनीमत रही की किसी की जान नहीं गई। बताया गया कि यहां पांच दुकानों के जमींदोज होने के कारण दुकानों का मलबा दुकानों के पीछे बने मकान पर जा गिरा जिससे मकान में रहने वाले 5 लोग तो बाल-बाल बच गए लेकिन उनके घर गृहस्थी का सामान पूरी तरह से तबाह हो गया।

घटना की सूचना पर मौके पुलिस ने यहां व्यवस्था को संभाला। बताया गया है कि सुबह हुए इस हादसे में किसी को कोई चोट तो नहीं आई है लेकिन बड़ा नुकसान हुआ है।

जानकारी के मुताबिक ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के कोनेश्वर चैराहे के पास फायर स्टेशन के सामने काले इमामबाड़े के बराबर बनी स्पेयर पार्ट्स की 5 दुकानें सोमवार की सुबह करीब 8 बजे अचानक जमींदोज हो गई। पांच दुकानों का मलबा दुकानों के पीछे रहने वाले रामचंद्र के मकान पर जा गिरा।

इस मकान में रामचंद्र के अलावा उनकी पत्नी रामदुलारी बेटा वीरेंद्र, बेटी और एक नाती रहता है। हालांकि दुकानों के मलबे से मकान में रहने वाले किसी भी षख्स को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन रामचंद्र की एक मोटर साइकिल व घर का अन्य सामान मलबे में दबकर तबाह हो गया।

वहीं चैकी इंचार्ज हुसैनाबाद के मुताबिक सड़क के किनारे काले इमामबाड़े के बराबर अभिनीत अग्रवाल, राहुल रस्तोगी,एसके सिंह राजबख्श और कमल की मोटर साइकिल स्पेयर पार्ट्स की दुकान थी जो सोमवार की सुबह अचानक गिर गई। उनके मुताबिक इस हादसे में किसी तरह की जनहानि की कोई सूचना नहीं है ।

बताया गया कि सोमवार की सुबह गिरी पांचों दुकानें हुसैनाबाद ट्रस्ट के अधीन आने वाली जमीन पर बनी थी। करीब 40 वर्ष पुरानी यह पांचों दुकाने अचानक गिरने से दुकानों में रखा लाखों रुपए का सामान भी बर्बाद हो गया। अब यह पता लगाया जा रहा है कि पांचों दुकानें एक साथ गिरने का कारण क्या था।

हालांकि आसपास के लोगों का कहना है कि दुकानों के नीचे बने पिलर काफी कमजोर हो चुके थे लेकिन दुकानदारों ने उस पर ध्यान नहीं दिया जिसके नतीजे में आज इतना बड़ा हादसा हो गया। स्थानीय लोगों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि राहत की बात यह रही कि हादसा सुबह के समय हुआ।

यही हादसा यदि दोपहर के समय होता तो इसमें जानमाल का बड़ा  नुकसान भी हो सकता था, क्योंकि दुकानें बंद थी और दुकानों में कोई नहीं था। वरना जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
 


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