बीमा कंपनियों के निजीकरण के विरोध में चारों कंपनी के कर्मचारी आज रहेंगे हड़ताल पर

टीम भारत दीप |
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हड़ताल पर जाने के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने नोटिस दे दिया है।
हड़ताल पर जाने के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने नोटिस दे दिया है।

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण का ऐलान किया था। इसमें नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में किसी एक कंपनी को निजी करना है।

लखनऊ। सरकार द्वारा बैंकों में निजीकरण के साथ ही बीमा क्षेत्र में भी निजीकरण को बढ़ावा दे रहीं है। इस फैसले के  विरोध में देश की चार बड़ी सरकारी कंपनियों ने बुधवार को हड़ताल कर दिया है। हड़ताल की वजह कर्मचारी कोई भी नया और पुराना काम नहीं करेंगे। इसलिए अगर आप बीमा संबंधी किसी काम से जा रहे तो अपना कार्यक्रम रदद कर दें।

आपकों बता दें कि 30 जुलाई को लोकसभा के संसद सत्र में जनरल इंश्योरेंस बिजनेस नेशनललाइजेशन अमेंडमेंट बिल 2021 बिल पेश किया गया था। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सरकारी बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण का ऐलान किया था।

इसमें नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, न्यू इंडिया इश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में किसी एक कंपनी को निजी करना है। हालांकि अभी नाम का ऐलान नहीं हुआ है। सरकार के इस फैसले का विरोध होना शुरू हो गया। चारों कंपनियों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है।

निजीकरण किसी दशा में स्वीकार नहीं

हड़ताल पर जाने के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ऑफिसर्स एसोसिएशन ने नोटिस दे दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वह सरकार के निजीकरण के फैसले को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। अगर ऐसा हुआ तो देश के हजारों कर्मचारी एक साथ सड़क पर उतरेंगे। दलील है कि जहां भी निजी कंपनियां काम कर रही है वहां मुनाफा भी कम है और लोगों का शोषण भी ज्यादा है। सरकारी पर लोगों का भरोसा ज्यादा है। बुधवार को रीजनल कार्यालय में विरोध सभा हो सकती है।

निजी से हर मामले में हम बेहतर

नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ जनरल इंश्योरेंस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल विजय कुमार मिश्रा ने कहा कि वह लोग निजी से हर मामले में बेहतर है। सबसे ज्यादा शिकायतें निजी कंपनियों के खिलाफ है। बेहतर सेवाएं देने के मामले में सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां सबसे आगे हैं। इसके बाद भी प्राइवेटाइजेशन किया जा रहा है।

विजय कुमार मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि आईआरडीए के पब्लिक ग्रीवान्स पोर्टल पर प्राइवेट सेक्टर के खिलाफ 82 प्रतिशत से अधिक शिकायतें हैं। जबकि इसकी तुलना में सरकारी इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ बहुत कम शिकायतें हैं।

ग्राहक को बीमा का क्लैम देने में भी हम उनसे काफी बेहतर है। निजी में लोगों को बहुत दौड़ाया जाता है। लोकसभा में सोमवार को उस बिल को पास कर दिया है जो सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनी के निजीकरण की अनुमति देता है।

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