यूपीः बीते 24 घंटे में मिले 32,993 नए कोरोना संक्रमित, 30,398 मरीज रिकवर, लखनऊ में मिले 4,437 संक्रमित

टीम भारत दीप |

28 अप्रैल से पब्लिक व्यू लिंक के जरिए अस्पतालों में खाली और भरे हुए बेड ऑनलाइन देखे जा सकेंगे।
28 अप्रैल से पब्लिक व्यू लिंक के जरिए अस्पतालों में खाली और भरे हुए बेड ऑनलाइन देखे जा सकेंगे।

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 265 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है। बताया गया कि 32,993 नए कोरोना मरीज मिले हैं। उधर इस दरम्यान 30,398 लोग रिकवर हुए हैं। इधर राजधानी लखनऊ में 4,437 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि 5,960 लोगों को डिस्चार्ज होकर अपने घर जा चुके हैं।

लखनऊ। कोरोना के कहर के बीच यूपी में अब सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हालात सुधरने लगे है। सूबे में पिछले 24 घंटे में 32,993 नए कोरोना संक्रमित मिले है। वहीं राहत की बात ये है कि यहां इस दरम्यान रिकॉर्ड 30,398 मरीज रिकवर हुए हैं। कहा जा रहा है कि संक्रमण को मात देने वालों का यह आंकड़ा अब तक सबसे अधिक है। सक्रिय मामलों में महज 2,595 की बढ़ोत्तरी हुई है।

वहीं इससे पहले बीते तीन अप्रैल को 2,423 एक्टिव केस बढ़े थे। मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 265 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है। बताया गया कि 32,993 नए कोरोना मरीज मिले हैं। उधर इस दरम्यान 30,398 लोग रिकवर हुए हैं। इधर राजधानी लखनऊ में 4,437 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि  5,960 लोगों को डिस्चार्ज होकर अपने घर जा चुके हैं।

बताया गया कि अब तक कुल 1713 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। वहीं लखनऊ में अब भी 49,064 कोरोना के सक्रिय मामले हैं। वहीं 39 लोगों ने लखनऊ में दम तोड़ दिया है। कानपुर व गाजियाबाद में 15-15 और प्रयागराज व वाराणसी में 13-13 और नोएडा में 12 संक्रमितों की मौत हुई है। इस बीच तमाम प्रयासों के बावजूद जमीनी हालात में कोई खासा परिवर्तन नहीं देखने को मिल रहा है।

मीडिया रिपोटर््स के मुताबिक कोरोना संक्रमितों को इलाज, ऑक्सीजन और दवाओं के लिए अभी भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अगर राजधानी लखनऊ की बात करें यहां हालात ये है कि यदि किसी अस्पताल से एक मरीज डिस्चार्ज होता है तो 100 मरीज भर्ती के लिए कतार में खड़े मिले हैं।

बीते कई दिनों से ऑक्सीजन संकट का सामना कर रही राजधानी में ऑक्सीजन एक्सप्रेस के आगमन से सरकारी और निजी अस्पतालों को राहत जरूर मिली है। मगर मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण चिकित्सा व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। इधर ऑक्सीजन के लिए रिफिल सेंटरों पर लम्बी-लम्बी कतारें दिख रही है।

कोरोना संक्रमित या सांस रोगियों का आक्सीजन लेवल नीचे जाने पर उन्हें न निजी अस्पताल में भर्ती मिलती है और न ही सरकारी अस्पताल में। हर तरफ से सिर्फ एक ही बात कही जाती है कि उनके यहां बेड खाली नहीं है। वहीं एशिया के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शुमार राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि उनके यहां पर सभी बेड फुल हैं।

ऐसे में मरीज खाली बेड होने पर ही अस्पताल आएं। इसके लिए एक लिंक साझा किया गया है। इस लिंक  https://t.co/G8qwZYMH0z  पर जाकर जानकारी ली सकती है। वहीं डीएम लखनऊ के मुताबिक बुधवार 28 अप्रैल से पब्लिक व्यू लिंक के जरिए अस्पतालों में खाली और भरे हुए बेड ऑनलाइन देखे जा सकेंगे।

 


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