69 हजार शिक्षक भर्ती पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, एक हफ्ते में यूं मिलेगी शिक्षकों को नियुक्ति

टीम भारत दीप |

केवल 31661 पद ही भरे जाएंगे।
केवल 31661 पद ही भरे जाएंगे।

6 जनवरी 2019 को परीक्षा संपन्न होने के बाद इसमें सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत और अन्य के लिए 60 प्रतिशत कट आॅफ निर्धारित की गई। हालांकि परीक्षा से पहले ऐसी कोई घोषणा नहीं थी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती को एक सप्ताह में पूरा करने का फैसला योगी सरकार ने ले लिया है। हालांकि इनमें से केवल 31661 पद ही भरे जाएंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री ने इसके लिए आदेश दिए। 

बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2018 में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्तियों के लिए परीक्षा के आयोजन की घोषणा की थी। 6 जनवरी 2019 को परीक्षा संपन्न होने के बाद इसमें सामान्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत और अन्य के लिए 60 प्रतिशत कट आॅफ निर्धारित की गई। हालांकि परीक्षा से पहले ऐसी कोई घोषणा नहीं थी। 

इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्रों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिसकी सुनवाई के करीब डेढ़ साल बाद खंडपीठ ने 65-60 कट आॅफ के पक्ष में ही निर्णय दिया। इसके बाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं। इधर भर्ती में पेपर लीक की खबरें भी आईं। जिसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर विचाराधीन हैं। 

इधर, 21 मई 2020 को रामशरण मौर्य व अन्य बनाम राज्य सरकार के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के पदों को छोड़कर शेष पदों पर भर्ती का आदेश दिया। इसके बाद भी सरकार सभी पदों पर भर्ती की मांग पर अड़ी रही। इधर 17 सितंबर को युवाओं के हल्ला बोल के बाद हरकत में आई सरकार ने फिलहाल शिक्षामित्रों के पदों को छोड़कर केवल 31661 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। 

68500 भर्ती की राह पर 
बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में भी 41556 पदों पर ही भर्ती की कार्रवाई पूरी हो पाई थी। इसके बाद कोर्ट के विभिन्न आदेश के क्रम में करीब 55 हजार शिक्षकों को नियुक्ति मिल चुकी है। यह भर्ती कई चरणों में पूरी हुई। 

ऐसे में अब 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती भी कई चरणों में पूरा होेने की उम्मीद है। पदों की संख्या घटने से अब मेरिट लिस्ट का दोबारा निर्माण होगा। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों को पहले चरण में जो जिले आवंटित हुए थे, उनसे अलग जिले आवंटित होेना भी तय है। 


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