यूपीः गरीबी के कारण पूरी नहीं कर पाई मासूम बेटी की ख्वाहिश, गला दबाकर मार डाला

टीम भारत दीप |

उसकी बेटी का किसी ने घर में घुसकर गला दबा दिया।
उसकी बेटी का किसी ने घर में घुसकर गला दबा दिया।

यहां रहने वाले रत्नेश तिवारी राज मिस्त्री हैं। कोरोना के कारण रत्नेश को काम नहीं मिला। दोबारा काम शुरू किया लेकिन इस बीच आर्थिक रूप से वह बुरी तरह टूट गया था।

प्रयागराज। कोरोना महामारी के कारण हुए लाॅकडाउन ने आर्थिक रूप से सभी को प्रभावित किया है। इससे बने हालात में आर्थिक तंगी से जूझ रही एक मां इतनी लाचार हो गई कि अपनी मासूम को ही गला दबाकर मार डाला।  

मामला प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के भेस्की गांव का है। यहां रहने वाले रत्नेश तिवारी राज मिस्त्री हैं। कोरोना के कारण रत्नेश को काम नहीं मिला। दोबारा काम शुरू किया लेकिन इस बीच आर्थिक रूप से वह बुरी तरह टूट गया था। 

परिवार में पत्नी ऊषा और दो बेटों के अलावा छह साल की बेटी अंशिका थी। गरीबी के कारण ऊषा बहुत चिड़चिड़ी हो गई थी। रविवार को रत्नेश किसी काम से भदोही गया था। घर पर ऊषा और तीनों बच्चे थे। सोमवार की सुबह ऊषा ने गांव वालों को बताया कि रात में उसकी बेटी का किसी ने घर में घुसकर गला दबा दिया। 

हालांकि किसी को ऊषा की बात पर यकीन नहीं हो रहा था क्योंकि बंद घर में कैसे कोई जा सकता है। बेटी की मौत की खबर सुनते ही रत्नेश घर आ गया। उसने शक जताया कि बेटी को किसी और ने नहीं, बल्कि ऊषा ने ही मारा है। इसके बाद पुलिस ने ऊषा को हिरासत में ले लिया। 

पहले तो वह मानने को तैयार नहीं था। उसने कहा कि उसकी बेटी रात में चीखने लगी तो वह जागी। बेटी ने बताया कि किसी ने उसका गला दबा दिया। वह उसे लेकर बाहर भी गई लेकिन को नहीं था। इसके बाद बेटी को सुला दिया। 

सुबह उसकी मौत हो गई। वह घंटों यही बात कहती रही लेकिन पुलिस की पूछताछ में आखिरकार टूट गई। चैकी इंचार्ज सैदाबाद ने बताया कि ऊषा ने सब कुछ बता दिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ऊषा ने बताया कि अंशिका अक्सर बाहर का खाने की जिद करती थी। 

पैसा न होने के कारण वह कुछ दिला नहीं पाती थी। इसी कारण ऊषा कुंठित रहने लगी थी। परिवार में आर्थिक तंगी को लेकर अक्सर कलह होती थी। घटना वाली रात में भी अंशिका किसी चीज की जिद करने लगी तो गुस्से में ऊषा ने उसका गला दबा दिया। वहीं इस मामले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है।


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