आज बज सकती है पांच राज्यों की चुनावी रणभेरी, दोपहर साढ़े 3 बजे EC की प्रेस कॉन्फ्रेंस

टीम भारत दीप |

सभी दलों ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए चुनाव कराए जाएं।
सभी दलों ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए चुनाव कराए जाएं।

सभी दल समय पर चुनाव चाहते हैं। लेकिन कुछ दल ज्यादा रैलियों के खिलाफ हैं और रैलियों की संख्या कम करने को कहा है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों ने घनी बस्तियों में पोलिंग बूथ बनाने का भी सुझाव दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भीड़ संक्रमण बढ़ाने का स्रोत हो सकती है ।

नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर आज दोपहर तीन बजे ऐलान हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज से ही आदर्श आचार संहिता लग सकती है।आपकों बता दें कि एक साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान आज हो जाएगा। चुनाव आयोग आज दोपहर साढ़े 3 बजे इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।

सूत्रों के मुताबिक, यूपी में 6 से 7 चरणों में चुनाव कराया जा सकता है। बता दें कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों के बीच चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य अधिकारियों संग कई दौर की वार्ताएं की हैं और साथ ही सभी चुनावी राज्यों में कोविड-19 की स्थिति का जायजा भी लिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुछ नए नियमों की भी घोषणा हो सकती है। आपकों बता दें पांच राज्यों में जीत दर्ज करने  के लिए सभी तरह के पत्ते खोल रखे है। सभी दल अपनी—अपनी तैयारी पूरी कर रखी है। 

सभी दलों ने की थी समय पर चुनाव कराने की अपील

देश में तेजी से फैल रहे कोरोना और ओमिक्रॉन वैरिएंट की वजह से सरकारें दहशत में है इसके बाद भी सावधानी बरतते हुए समय से चुनाव कराने पर सभी दलों ने सहमति देते हुए अपील की थी। सियासी दलों की राय जानने के लिए आयोग ने तीन दिन का यूपी दौरा भी किया था और गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने प्रेस कांफ्रेंस करके यह बताया कि सभी दलों ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए चुनाव कराए जाएं। 

उनके मुताबिक सभी दल समय पर चुनाव चाहते हैं। लेकिन कुछ दल ज्यादा रैलियों के खिलाफ हैं और रैलियों की संख्या कम करने को कहा है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों ने घनी बस्तियों में पोलिंग बूथ बनाने का भी सुझाव दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भीड़ संक्रमण बढ़ाने का स्रोत हो सकती है और सोशल डिस्टेंसिंग वायरस के प्रसार को रोकने के प्रमुख तरीकों में से एक है।

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