होली-दीवाली पर मिलने जा रहा फ्री एलपीजी सिलिंडर, जानिए कौन होंगे सरकार की इस योजना में शामिल

टीम भारत दीप |

सिलिंडर की राशि डीबीटी के माध्यम से पात्र परिवार के मुखिया के खाते में भेजी जाएगी।
सिलिंडर की राशि डीबीटी के माध्यम से पात्र परिवार के मुखिया के खाते में भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना जबावदेह कल्याण नीति का हिस्सा है। इसके तहत जरूरतमंद परिवारों को बिना बिचौलिए के सीधे इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के संकल्प पत्र का हिस्सा थी और सरकार चरणबद्ध तरीके से अपने सभी वादों को जमीन पर उतार रही है।

नई दिल्ली। अपनी सरकार गठन के एक साल के भीतर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में अपनी घोषणाओं को लागू करने में जुट गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट बैठक में कमजोर आय वर्ग को राहत देने का एलान किया। इसके तहत पार्टी के चुनावी संकल्प पत्र में शामिल फ्री सिलिंडर योजना को मंजूरी दी गई। 

दिल्ली सरकार ने प्रदेश के कमजोर आय-वर्ग के लोगों को होली और दिवाली पर एक-एक मुफ्त सिलिंडर देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया इसके तहत साल में दो बार सिलिंडर की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डीबीटी के माध्यम से पात्र परिवार के मुखिया के खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए मुखिया का आधार-सीडेड बैंक खाता होना जरूरी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना दिल्ली सरकार की जबावदेह कल्याण नीति का हिस्सा है। इसके तहत जरूरतमंद परिवारों को बिना बिचौलिए के सीधे इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के संकल्प पत्र का हिस्सा थी और सरकार चरणबद्ध तरीके से अपने सभी वादों को जमीन पर उतार रही है। 

ये होंगे योजना के पात्र 
दिल्ली सरकार की मुफ्त सिलिंडर योजना के तहत सभी राशनकार्ड धारक पात्र होंगे। यह योजना सार्वभौमिक होगी। चाहे राशनकार्ड धारक परिवार एलपीजी या पीएनजी जिसका भी उपभोग कर रहा हो उनको इसका लाभ मिलेगा। सहायता राशि होली और दिवाली पर भेजी जाएगी। चाहे परिवार ने एलपीजी की रिफिलिंग कराई हो या नहीं उन्हें उस महीने उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। 

इतने रूपये आएंगे आपके खाते में 
वर्तमान में दिल्ली में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 853 रूपये है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को इसमें 300 रूपये की सब्सिडी पहले से मिलती है। इसलिए उनके खाते में 553 रूपये दो बार भेजे जाएंगे। गैर-उज्ज्वला लाभार्थियों को 853 रूपये की पूरी राशि भेजी जाएगी। सरकार की इस योजना पर 250 करोड़ रूपये का व्यय भार आएगा। 


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