खेल-खेल में गई जान, फांसी का खेल दिखाते समय हुई बच्ची की मौत

टीम भारत दीप |

भाई और बहन के शोर मचाने पर लोग पहुंचे और तुरंत उसे फंदे से बाहर निकाला।
भाई और बहन के शोर मचाने पर लोग पहुंचे और तुरंत उसे फंदे से बाहर निकाला।

साक्षी कपड़े से झूला बनाकर झूल रही थी। कपड़ा छत में लगी कुंडी से बंधा हुआ था। अचानक उसने कपड़े को अपने गले में लपेट लिया और अपने भाई-बहन से बोली कि मैं तुम्हें बताती हूं कि फांसी कैसे लगाते हैं। इतना कहने का बाद वह गोल-गोल घूमने लगी।

भागलपुर- बिहार। बिहार के भागलपुर जिले में भाई -बहन घर में खेल रहे थे। बडी बहन फांसी का खेल दिखा रही थी, इसी दौरान 10 साल की बच्ची के गले में कपडा कुछ यू उलझा की वह गोल-गोल चक्कर काटने लगी।

छोटे भाई-बहन को लगा कि दीदी उन लोगों को हसाने के लिए ऐसा कर  रही है, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि दीदी अब फांसी के फंदे में बुरी तरह उलझ गई है, वह जाने बचाने के लिए हाथ पैर मार रही है। इस दौरान उसक दम घुटने से मौत हो गई यह दर्दनाक हादसा, भागलपुर के बबरगंज में मंगलवार को हुआ।

साक्षी मुन्ना सिंह और डॉली देवी की बड़ी बेटी थी। मुन्ना रिक्शा चलाता है, पत्नी डॉली लोगों के घरों में चौका-बरतन का काम करती है। पति-पत्नी बबरगंज में आशू यादव के घर में किराए पर रहते हैं। सुबह डॉली सभी बच्चों को चाय-बिस्कुट खिलाकर काम पर चली गई थी, जबकि मुन्ना सिंह रिक्शा लेकर निकल गया था। इसके बाद बच्चे खेलने लगे।

साक्षी कपड़े से झूला बनाकर झूल रही थी। कपड़ा छत में लगी कुंडी से बंधा हुआ था। अचानक उसने कपड़े को अपने गले में लपेट लिया और अपने भाई-बहन से बोली कि मैं तुम्हें बताती हूं कि फांसी कैसे लगाते हैं।

इतना कहने का बाद वह गोल-गोल घूमने लगी। उस मासूम ने कपड़े को इस तरह गले में लपेट लिया था कि उसकी जकड़ काफी मजबूत हो गई थी। कपड़ा गले में कसता गया और उसकी गर्दन अकड़ती गई। दोनों भाई और बहन ने समझा कि दीदी खेल दिखा रही है, लेकिन उनकी दीदी तो मौत के मुंह में चली गई थी।

फिल्म या सीरियल में देखा होगा ऐसा

मौत को गले लगाने वाली इस मासूम का नाम साक्षी कुमारी था। ऐसा लगता है कि उसने टीवी पर किसी फिल्म या सीरियल में किसी को फांसी लगाते हुए देखा होगा और उसने वैसा ही करने की कोशिश की लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

भाई और बहन के शोर मचाने पर लोग पहुंचे और तुरंत उसे फंदे से बाहर निकाला। उसे फौरन मायागंज अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्ची की मौत पर मां बदहवाश

घर में साक्षी के साथ भाई देवा 5 सालभोपू ;2 साल और बहन रूही 4 साल ही थे। मम्मी-पापा के जाने के बाद साक्षी घर के बरामदे में कुंडी से लटकते हुए कपड़े का झूला बना कर झूल रही थी।

उसी क्रम में वह नासमझी कर बैठी और मौत को गले लगा लिया। घटना की सूचना मिलते ही मुन्ना सिंह अस्पताल पहुंचा। मां डॉली बच्ची की मौत पर बदहवाश है। पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वाले लाश को बिना पोस्टमॉर्टम के घर लेकर आ गए हैं।


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