मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन का निधन, मेदांता लखनऊ में ली अंतिम सांस

टीम भारत दीप |
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लाल जी टंडन (फ़ाइल फ़ोटो)
लाल जी टंडन (फ़ाइल फ़ोटो)

मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में कई माह से इलाज चल रहा था।

भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का मंगलवार को निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

12 अप्रैल 1935 को लखनऊ के चौक गांव में जन्मे लालजी टंडन उत्तर प्रदेश की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। भारतीय जनता पार्टी से वे पहले विधान परिषद के सदस्य बाद में तीन बार विधानसभा के लिए भी चुने गए। 

भाजपा-बसपा की गठबंधन सरकार में वे शहरी विकास मंत्री भी रहे। उनके परिवार में तीन पुत्र हैं। उनके बेटे आशुतोष गोपाल टंडन उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। अपने पिता के निधन पर उन्होंने लिखा कि बाबू जी नहीं रहे। लालजी टंडन की पत्नी कृष्णा टंडन का भी कुछ समय पहले निधन हो गया था। 

लाल जी टंडन मध्य प्रदेश के 22वें राज्यपाल थे। उन्होंने आनन्दी बेन पटेल का स्थान लिया। इससे पहले वे बिहार के 28वें राज्यपाल बनाये गए थे। लाल जी टंडन के निधन के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल को मध्य प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। 

अटल के उत्तराधिकारी

लालजी टंडन लखनऊ संसदीय क्षेत्र में अटल बिहारी वाजपेयी के उत्तराधिकारी बने थे। स्वास्थ्य कारणों से अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव न लड़ने के बाद उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में विजय पाई। बाद में उनके स्थान पर राजनाथ सिंह को भाजपा ने उतारा और लगातार दो बार से वे ही सांसद हैं।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में लिखा कि- 

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि लालजी टंडन को उनकी समाज सेवा के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की मजबूती के लिए अथक परिश्रम किया।

वे हमारे प्यारे अटल जी के सबसे करीबी थे। गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक जताया। 

 

 

 


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