कानपुर में दोस्ती का कत्लः 10 लाख रुपये के फेर में गला रेतकर की हत्या, ऐसे आए पकड़ में

टीम भारत दीप |

शव मिलने की सूचना पर  भाइे पवन ने शव की शिनाख्त विनय के रूप में की।
शव मिलने की सूचना पर भाइे पवन ने शव की शिनाख्त विनय के रूप में की।

बड़े भाई पवन के मुताबिक शुक्रवार शाम विनय ड्यूटी से घर लौटा था। शाम 7.30 बजे मोबाइल पर फोन आने के बाद वह बाइक से कही चला गया। रात में घर न लौटने पर सभी ने सोचा कि शायद दोस्त के यहां रुक गया होगा।

कानपुर।  उत्तर प्रदेश के कानपुर में दोस्तों ने ही 10 लाख की फिरौती के लिए युवक की गला काटकर  हत्या कर दी। युवक की हत्या के बाद आरोपियों  ने शव कंबल और चादर में छिपाकर रिंद नदी के किनारे फेंक दिया।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए मृतक  दोस्त की बाइक का प्रयोग किया। इस हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ घंटों में पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

जानकारी के अनुसार बर्रा- 2 मनोहर नगर निवासी रिटायर ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीकर्मी राम अवतार प्रभाकर का छोटा बेटा विनय प्रभाकर 26की पांच दिन पहले चौबेपुर स्थित लोहिया फैक्ट्री में नौकरी लगी थी। बड़े भाई पवन के मुताबिक शुक्रवार शाम विनय ड्यूटी से घर लौटा था। शाम 7.30 बजे मोबाइल पर फोन आने के बाद वह बाइक से कही चला गया।

रात में घर न लौटने पर सभी ने सोचा कि शायद दोस्त के यहां रुक गया होगा। शनिवार सुबह पांच बजे बर्रा पुलिस घर आई और विनय की बाइक खाड़ेपुर.फत्तेपुर मोड़ के पास मिलने की जानकारी दी। परिजन पहुंचे तो बाइक मिल गई पर विनय का पता नहीं मिला।

इसके बाद पुलिस ने बताया कि बिधनू में रिंद नदी किनारे किसी का शव मिला है। शव मिलने की सूचना पर  भाइे पवन ने शव की शिनाख्त विनय के रूप में की। तहरीर पर पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने और एससी-एसटी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

ऐसे खुला मौत का राज

बर्रा इंस्पेक्टर ने बताया कि बर्रा.8 निवासी शीलादेवी और उनके देवर आनंद रात साढ़े 10 बजे पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा शैलेष और उसका दोस्त अर्श गुप्ता व विनय घर में ही कमरे में शराब पी रहे थे।

कुछ घंटे बाद वह लोग बाइक से कहीं चले गए। कुछ देर बाद जब वह लोग कमरे में गए तो खून से सना चादर दिखा। अनहोनी की आशंका जताते हुए शीला और शैलेष के चाचा चौकी पहुंचे। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।

शव ठिकाने लगाने के बाद घर लौटे दोनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। जब पूछताछ की तो पता चला कि दस लाख रुपए के लिए विनय का कत्ल किया गया। संजीतकांड की तरह विनय के परिवार से भी फिरौती की रकम हत्यारोपी वसूलना चाहते थे।


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