राम मंदिर भूमिपूजन: सियापति रामचंद्र की जय बोलकर प्रधानमंत्री ने पूरा किया संबोधन, अयोध्या से प्रस्थान

टीम भारत दीप |
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पीएम ने कहा श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा।
पीएम ने कहा श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा।

अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर 492 साल तक संघर्ष के बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वहां मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

अयोध्या। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि के निर्माण कार्य का शुभारंभ कर दिया। उन्होंने विधि विधान से पूजन के बाद मंदिर की आधारशिला रखी। भाजपा के रामरथ यात्रा में नरेंद्र मोदी लालकृष्ण आडवाडी के सारथी के रूप में थे। 492 साल बाद यह पहला मौका है, जब देश का कोई प्रधानमंत्री श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पहुंचा है। 

सुबह प्रधानमंत्री का हेलिकाॅप्टर 11 बजकर 30 मिनट पर अयोध्या के साकेत काॅलेज में बने हैलिपैड पर पहुंचा। सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना के बाद प्रधानमंत्री रामजन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हो गए। 

इस दौरान पीएम के साथ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। हनुमानगढ़ी में पीएम को एक चांदी का मुकुट भी भेंट किया गया। पीएम मोदी ने जन्मभूमि परिसर में श्रीरामलला विराजमान का दर्शन-पूजन कर पारिजात वृक्ष का रोपण किया। 

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मभूमि परिसर में भूमिपूजन और आधारशिला रखने के कार्यक्रम में विधिवत पूजन के बाद राममंदिर की आधारशिला रखी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी पूजन में मौजूद रहे। यह पहला मौका है जब संघ प्रमुख मोहन भागवत प्रधानमंत्री के साथ किसी कार्यक्रम में मौजूद हैं। 
 
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद देशवासियों को बधाई दी। 

आधारशिला कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने वहां उपस्थित संत व आगंतुकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा भारत आज राममय है। मुझे तो आज आना ही था क्योंकि रामकाज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम। अपने संबोधन में उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए आहुति देने वालों कार्यकर्ताओं को नमन किया। 

प्रधानमंत्री ने कहा भारत की आस्था में राम हैं। तुलसी के राम सगुण राम हैं तो नानक और कबीर के राम निर्गुण राम हैं। वे बौद्ध व जैन धर्म से भी जुड़े हैं, यही उनकी सर्वव्यापकता है।उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत श्रीराम और माता जानकी के जयघोष के साथ की और इसी से समापन भी किया। 

मंच पर उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत मौजूद रहे। 

बता दें कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर 492 साल तक संघर्ष के बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वहां मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री और राम मंदिर आंदोलन के अगुवा रहे लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेते हैं, ऐसा ही एक सपना जो मेरे हृदय के समीप है, अब पूरा हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर पीएम श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन सभी भारतीयों के लिए ऐतिहासिक और भावपूर्ण क्षण है। 


 
कार्यक्रम स्थल पर योगगुरु बाबा रामदेव, जूना अखाड़ा के प्रमुख अवधेशानंद गिरि और स्वामी चिदानंद महाराज मौजूद रहे। इसके अलावा देश की 36 मत परंपराओं से संत कार्यक्रम में पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर दिल्ली से विशेष विमान में लखनउ के लिए रवाना हुए। 10 बजकर 35 मिनट पर वे लखनउ के अमौसी एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद यहां से हेलिकाॅप्टर में अयोध्या के लिए निकले। जन्मभूमि परिसर में अपने संबोधन के बाद वे करीब 2 बजकर 10 मिनट पर साकेत हैलिपैड से लखनउ के लिए रवाना हो गए। यहां से वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। 


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