यूपी के अमेठी में सरकारी चीनी खाने से एक परिवार के तीन लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती

टीम भारत दीप |
अपडेट हुआ है:

तीनों बीमारों का सीएचसी अमेठी में इलाज चल रहा है।
तीनों बीमारों का सीएचसी अमेठी में इलाज चल रहा है।

प्रदेश के अमेठी जिले में फूड प्वाइजनिंग का एक मामला सामने आया। यहां एक परिवार ने सरकार द्वारा राशन की दुकान से दी जाने वाली कोटे की दुकान से मिली चीनी खाकर बीमार हो गया।

अमेठी। प्रदेश के अमेठी जिले में फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया। एक परिवार ने सरकार द्वारा राशन की दुकान से दी जाने वाली कोटे की दुकान से मिली चीनी खाकर बीमार हो गया।

जैसे ही सरकारी चीनी खाने से पूरे परिवार के बीमार होने की खबर फैली अफसर हैरान हो गए। इस मामले की जांच शुरू हो गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीमारों का बयान लेने के बाद चीनी का सैंपल लेने के लिए बीमार के घर पहुंचे।

कोटेदार के माध्यम और चीनी ले जाने वालों को न खाने का संदेश दिलवाया। अमेठी के संग्रामपुर के गांव भिच्छू का पुरवा निवासी जमुना प्रसाद गुरुवार को  कोटेदार के यहां राशन लेने गए। वहां से वे चीनी व चना लेकर घर पहुंचे। पत्नी निर्मला देवी (38), पुत्र गोपाल (10) व दूसरा पुत्र सूरज (8) ने चीनी खा ली।

चीनी खाने के कुछ देर बाद पेट में दर्द शुरू हो गया। घर वालों ने पहल पेट दर्द का देशी इलाज शुरू किया लेकिन कोई  फायदा नहीं हुआ। इसके बाद तीनों लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। देर रात सभी को बुखार भी आ गया।

सुबह होते ही जमुना सभी को टीकरमाफी स्थित एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने सभी की हालत गंभीर देख इलाज करने से मना करते हुए हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।जमुना सभी को लेकर सीएचसी अमेठी पहुंचे जहां चिकित्सकों ने भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया।

मामला सामने आते ही  हड़कंप मच गया।अफसरों के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्भय नारायण, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिद्धार्थ, रोशन तथा आपूर्ति निरीक्षक योगेश वर्मा अस्पताल पहुंचे और सभी का बयान दर्ज किया।  वितरित हुई चीनी की सैंपलिंग करने के लिए पीड़ित परिवार के घर गए।


जांच करने पहुंचे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्भय नारायण तथा डीएसओ संजय कुमार ने बताया कि धोएं के साथ ही करनाईपुर कोटेदार के यहां पहुंचकर चीनी का सैंपल लिया गया।


इसके अलावा कोटेदार के माध्यम से चीनी ले जाने वाले अन्य परिवारों को चीनी न खाने का संदेश दिलवाया। टीम ने कुछ अन्य लोगों से जिन्होंने चीनी का खाई है उनसे परेशानी पूछी जब अन्य लोगों को समस्या नहीं हुई तो टीम एक घंटे तक ग्रामीणों की निगरानी करने के बाद सैंपल लेकर वापस लौट गई।


संबंधित खबरें