स्कूल खुलते ही यूपी के बेसिक टीचर सबसे पहले करें ये काम, 20 लाख तक का है फायदा

टीम भारत दीप |

ग्रेच्युटी के लिए विकल्प भरना अनिवार्य है।
ग्रेच्युटी के लिए विकल्प भरना अनिवार्य है।

यूपी के बेसिक शिक्षकों के लिए एक काम की खबर लेकर आए हैं। इसे मानने के बाद आप कुछ नहीं तो अपने और परिवार के लिए 20 लाख का इंतजाम तो कर ही सकते हैं।

पुरानी पेंशन बंद होने के बाद सबसे ज्यादा चिंता शिक्षकों के मन में है। शिक्षक की कमाई दूर से पहाड़ सी लगती है, लेकिन हकीकत में है वह राई के समान। टेबल के नीचे का सिस्टम तो इनके पास है नहीं, उस पर पेंशन का भी कोई भरोसा नहीं है। तो फिर, बुढ़ापे की लाठी आखिर कौन बने। 

ऐसे में हम, यूपी के बेसिक शिक्षकों के लिए एक काम की खबर लेकर आए हैं। इसे मानने के बाद आप कुछ नहीं तो अपने और परिवार के लिए 20 लाख का इंतजाम तो कर ही सकते हैं। 

दरअसल, हमारी टीम जब कुछ सोशल मीडिया ग्रुप्स की पड़ताल कर रही थी तो हमें एक पोस्ट दिखाई दी। जिसमें बताया गया है कि यदि विकल्प देकर कोई परिषदीय शिक्षक 60 वर्ष में ही सेवानिवृत्ति का विकल्प ले लेता है तो 60 वर्ष पर रिटायर होने पर या उससे पहले असामयिक मृत्यु होने पर शिक्षक/उसके आश्रित को भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।

पोस्ट लिखने वाले प्रतापगढ़ के अरूण कुमार मिश्र और बाराबंकी के निर्भय सिंह ने बताया है कि नियुक्ति चाहे आपकी अप्रैल 2005 से पहले हो या उसके बाद की हो, ग्रेच्युटी के लिए विकल्प भरना अनिवार्य है।

उन्होंने लिखा कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी आदेश दिनांक 19-05-2022 के अनुसार ग्रेच्युटी के लिए 60 वर्ष का विकल्प भरना अनिवार्य है। शासनादेश संख्या 2491/15-5-2002-212/2001 दिनांक 10-06-2002 द्वारा सेवानिवृत्ति के 01 वर्ष पूर्व  59 वें वर्ष की आयु में अर्थात जिस शैक्षणिक सत्र में  विकल्प पत्र के अनुसार आपकी सेवानिवृत्ति होगी, उसकी पहली जुलाई तक विकल्प परिवर्तन करके आप पुनः सेवा वर्ष 62 साल कर सकते हैं।

यानी ऐसा नहीं है कि अगर आपने 60 साल का विकल्प दे दिया तो आप को 60 ही साल में जबरिया रिटायर कर दिया जाए। आप चाहें तो आगे भी अपनी पारी जारी रख सकते हैं। आपको अधिकार है कोई जोर जबरजस्ती नहीं है। 

बता दें कि 62 वर्ष में दोबारा सेवानिवृत्ति विकल्प बदलने के लिए विकल्प पत्र में परिवर्तन 59 वें वर्ष में ही करना है, भले ही आपको सत्र लाभ मिलकर 63 साल तक सेवा करनी पड़े। कुछ लोग दिमाग लगा जाएं और कहें अरे हम तो 63 में रिटायर होंगे हम अभी क्यों भरें। ना भैया कानून सबके लिए बराबर है, इसलिए जैसा आदेश सरकारी वैसी खाएं तरकारी। 

आपको बताते चलें कि यदि बेसिक के अधीन कर्मचारी के साथ 60 साल तक कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होती है और वह ग्रेच्युटी का लाभ लेता है तो उसे 60 वर्ष पर रिटायर कर उसको ग्रेच्युटी की निर्धारित राशि दे दी जाएगी। वो भी पूरे 20 लाख, क्योंकि बेसिक में 60 साल का विकल्प देने पर सेवानिवृत्ति/डेथ ग्रेच्युटी में अधिकतम देय राशि 20 लाख होगी।

डेथ ग्रेच्युटी अलग-अलग सेवा वर्षाें के लिए अलग-अलग निर्धारित है -

1. 1वर्ष से कम सेवा वर्ष के लिए मासिक वेतन का 2 गुना।

2. 1 वर्ष से अधिक लेकिन 05 वर्ष से कम सेवावर्ष के लिए मासिक वेतन का 06 गुना।

3. 5 वर्ष से अधिक लेकिन 11 वर्ष से कम की सेवावर्ष में मासिक वेतन का 12 गुना।

4. 11 वर्ष से अधिक लेकिन 20 वर्ष कम सेवावर्ष में मासिक वेतन का 20 गुना।

5. 20 वर्ष या उससे अधिक सेवावर्ष अधिकतम 20 लाख।

सबसे जरूरी
ग्रेच्युटी के विकल्प बेसिक के सभी कर्मचारियो के लिए खुले हैं। ग्रेच्युटी का लाभ लेने के लिए अब विकल्प पत्र भरना अनिवार्य हो गया है। सभी शिक्षक निर्धारित प्रारूप को 4 प्रतियों में भर कर जमा कर दें। इसमें एक प्रति आपको वापस कर दी जाएगी।


इस पहलू को भी ध्यान रखें 

(1) रिटायर्मेंट पर आपको मिलने वाली ग्रेच्युटी की रकम पूरी तरह से टैक्स मुक्त होती है, लेकिन उतनी ही जितनी निर्धारित फार्मूले के हिसाब से आपकी ग्रेच्युटी बनती है। 20 लाख से अधिक ग्रेच्युटी की जितनी भी राशि है उस पर छूट नहीं मिलती, अधिक राशि टैक्सेबल मानी जाती है।

(2)  मृत्यु ग्रेच्युटी जो नॉमिनी को प्राप्त होती है वह ग्रेच्यूटी पाने वाले व्यक्ति पर लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार होगी। ग्रेच्युटी के रूप में मिली रकम को प्राप्त करने वाले व्यक्ति की अन्य श्रोंतों से प्राप्त हुई आमदनी में मानकर टैक्स कैलकुलेट किया जाता है। यहां पूरी राशि टैक्सेबल होती है।

यह पूरी जानकारी हमें अरुण कुमार मिश्र मो. 8574444040 और निर्भय सिंह मो 7499088470 के माध्यम से मिली है। हमने बस इसे आसान भाषा में आप तक पहुंचाने की कोशिश की है। 


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