यूपीः गर्मी की छुट्टी में स्कूल खोलने का विरोध, पीएसपीएसए ने की मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

टीम भारत दीप |
अपडेट हुआ है:

छुट्टी के दिनों में स्कूल खोलने के आदेश जारी किए जाते हैं जो कि अवकाश नियमों के विपरीत हैं।
छुट्टी के दिनों में स्कूल खोलने के आदेश जारी किए जाते हैं जो कि अवकाश नियमों के विपरीत हैं।

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर महानिदेशक के इस आदेश को नियमविरूद्ध और अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने लिखा है कि टाइम एंड मोशन स्टडीज के अनुसार वर्तमान समय विद्यालय में गर्मी की छुट्टियों का है जो कि 20 मई से 15 जून तक जारी रहती हैं।

लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से 11 जून तक परिषदीय स्कूलों में समरकैंप के आयोजन का यूपी के शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है। टाइम एंड मोशन स्टडीज, भीषण गर्मी और गांवों में बच्चों के उपलब्ध न होने की बात कहते हुए प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। अन्य शिक्षक संगठनों ने भी इसे मनमाना और अप्रासंगिक बताया है। 

बता दें कि बीती 24 मई को महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने एक आदेश जारी किया जिसमें विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून से 11 जून तक यूपी के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समर कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए थे। महानिदेशक ने अपने आदेश में लिखा है कि सभी विद्यालयों में ईको क्लब का गठन कर बच्चों के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता का अभियान चलाया जाए। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना भी भेजी गई है। 

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर महानिदेशक के इस आदेश को नियमविरूद्ध और अव्यावहारिक बताया है। उन्होंने लिखा है कि टाइम एंड मोशन स्टडीज के अनुसार वर्तमान समय विद्यालय में गर्मी की छुट्टियों का है जो कि 20 मई से 15 जून तक जारी रहती हैं। इस दौरान शिक्षक भी अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करते हैं। स्कूल के अधिकतर बच्चे अपनी रिश्तेदारी और शिक्षक भी अपने बच्चों के साथ घूमने जाते हैं। यह सब पूर्व निर्धारित रहता है। 

5 से 11 जून समर कैंप के लिए खुलेंगे परिषदीय विद्यालय, बच्चे करेंगे टूर और पर्यावरण बचाओ का देंगे संदेश, देखें योजना

उन्होंने लिखा है कि महानिदेशक ने अपने आदेश में प्रदेश की वर्तमान मौसम की परिस्थिति का भी विचार नहीं किया गया। जहां प्रदेशभर में तापमान 48 डिग्री पहुंच चुका है। जनमानस भीषण गर्मी से त्रस्त हैं। प्रदेश सरकार भी गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर रही है। लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है। ऐसे समय में यह आदेश अव्यावहारिक है। 

हर साल जारी होते आदेश
पीएसपीएसए ने लिखा है कि बीते वर्षाे से यह एक क्रम बन गया है कि छुट्टी के दिनों में स्कूल खोलने के आदेश जारी किए जाते हैं जो कि अवकाश नियमों के विपरीत हैं। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए आदेश को निरस्त करने और स्कूल खुलने के बाद संबंधित गतिविधियां आयोजित कराने की मांग की है। 


संबंधित खबरें