यूपीः बस कंडक्टर बनने को अब कम्प्यूटर का ज्ञान जरूरी

टीम भारत दीप |

डेढ़ हजार बस कंडक्टरों की सीधी भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया है।
डेढ़ हजार बस कंडक्टरों की सीधी भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया है।

जिन अभ्यर्थियों को कंप्यूटर का ज्ञान होगा वहीं अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में परिचालक के पद पर भर्ती हो सकेंगे। इसके साथ ही मृतक आश्रितों को भी इस नियम के दायरे में रखा गया है। बताया गया कि यहां संविदा हो या सीधी भर्ती अथवा मृतक आश्रित सभी के लिए ट्रिपल सी प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब रोडवेज में बस कंडक्टर बनने के लिए कम्प्यूटर का ज्ञान होने अनिवार्य कर दिया गया है। बताया गया कि जिन अभ्यर्थियों को कंप्यूटर का ज्ञान होगा वहीं अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में परिचालक के पद पर भर्ती हो सकेंगे। इसके साथ ही मृतक आश्रितों को भी इस नियम के दायरे में रखा गया है।

बताया गया कि यहां संविदा हो या सीधी भर्ती अथवा मृतक आश्रित सभी के लिए ट्रिपल सी प्रमाण पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। दरअसल अभी तक परिवहन निगम में संविदा और नियमित भर्ती में इंटर पास अथवा आईटीआई डिप्लोमा करने वाले नियुक्त होते थे। दिसंबर 2020 में बोर्ड ने बस परिचालक भर्ती की अर्हता में बदलाव करने का निर्णय लिया है।

इस बाबत प्रदेश भर के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिशा निर्देश भेजे जा चुके हैं। बताया गया कि चूंकि अत्याधुनिक हैंडहेल्ड डिवाइस के जरिए यात्रियों के टिकट काटे जाएंगे। जोकि निगम मुख्यालय के सर्वर से लिंक होगा। ऐसे में इस इलेक्ट्रिक टिकटिंग मशीन को चलाने के लिए कंप्यूटर की जानकारी होनी जरूरी है।

परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) डीवी सिंह के मुताबिक डेढ़ हजार बस कंडक्टरों की सीधी भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया है। जिस पर मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में कंप्यूटर ज्ञान का सीसीसी प्रमाण पत्र के लिए तैयारी अभी से शुरू कर दें। वहीं 486 मृतक आश्रितों को भी ट्रिपल सी प्रमाण पत्र होने पर ही भर्ती किया जाएगा।


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