संकट में अन्नदाता: धरने पर आए किसान ने खुद को गोली से उड़ाया, मौत

टीम भारत दीप |

ठंड से किसान लगातार बीमार हो रहे हैं, ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं।
ठंड से किसान लगातार बीमार हो रहे हैं, ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं।

कुंडली में चल रहे धरना में शामिल एक और किसान की मौत हो गई। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी मौत है, जबकि कुंडली बॉर्डर पर चौथे किसान की मौत हुई है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार सुबह भी एक-एक किसान की हृदयाघात से मौत हुई थी।

हरियाणा। मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों का अंसतोष बढ़ता जा रहा है।

बुधवार को  कुंडली बॉर्डर पर धरने में शामिल एक किसान ने खुद को गोली मार ली,इससे उसकी मौत हो गई।  खुद को गोली मारने वाले किसान की पहचान करनाल के निसिंग कस्बे के गांव सिंगरा निवासी बाबा राम सिंह के रूप में हुई है।

बाबा राम सिंह वहां गुरुद्वारा नानकसर में ग्रंथी थे। वे धरने में शामिल होने के लिए करनाल से लगातार आते-जाते रहते थे।धरने पर बैठे लोगों के अनुसार, बुधवार को भी वे धरनास्थल पर पहुंचे और मंच के पीछे रोड की दूसरी ओर जाकर खुद को गोली मार ली।

वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें लेकर जीटी रोड से होते हुए पानीपत के पार्क अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके जानने वाले शव को लेकर करनाल पहुंच गए, जहां पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रयास कर रही है।


लगातार तीसरे दिन किसान की मौत

कुंडली में चल रहे धरना में शामिल एक और किसान की मौत हो गई। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी मौत है, जबकि कुंडली बॉर्डर पर चौथे किसान की मौत हुई है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार सुबह भी एक-एक किसान की हृदयाघात से मौत हुई थी।

धरनास्थल पर किसानों की मौत को लेकर चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती ठंड के कारण बुजुर्ग किसान लगातार बीमार हो रहे हैं। वे ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं और हृदयाघात से उनकी मौत हो रही है।

किसान 27 नवंबर से  धरना दे रहे

मालूम हो कि पंजाब हरियाणा के ​किसान मोदी सरकार दबाव बनाने के लिए  27 नवंबर से  धरना दे रहे हैं। धरने में शामिल होने के लिए पटियाला के गांव सोहली निवासी 62 वर्षीय किसान पाल सिंह 13 दिसंबर को ही कुंडली पहुंचे थे।

वे अपने साथियों व गांव के अन्य किसानों के साथ फिलहाल गांव रसोई से आगे जीटी रोड पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रोली में ठहरे हुए थे। साथियों ने बताया कि मंगलवार रात को वह खाना खाने के बाद वे अपनी ट्रैक्टर-ट्राली में सो गए।

बाद में जब दूसरे साथी ट्रैक्टर-ट्राली में सोने के लिए पहुंचे तो देखा कि वे बेसुध पड़े थे। उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने तत्काल धरनास्थल पर मौजूद चिकित्सकों के पास ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसकी सूचना थाना कुंडली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देर रात नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। वहीं भाजपा सरकार देशभर में लाए गए सुधार कानूनों की खूबियां गिना रही है।

इसके अलावा किसानों के आंदोलन को विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण आंदोलन की उत्पति बता रही है। इसके साथ ही धरने में राष्ट्रविरोधी तत्वों के शामिल होने का आरोप भी लगता रहा है। 


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