कोरोना का खौफ: भाईयों ने जिसे नासिर समझ कर दफनाया वह निकला रामप्रसाद का शव

टीम भारत दीप |

श्मशान घाट पहुंचे रामप्रसाद के पुत्र को आभास हुआ कि शव उसके पिता का नहीं है।
श्मशान घाट पहुंचे रामप्रसाद के पुत्र को आभास हुआ कि शव उसके पिता का नहीं है।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित आशियाना चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार के मुताबिक बरेली व रामपुर के रहने वाले दो लोग कोविड से पीड़ित थे। उपचार के दौरान सोमवार देर रात दोनों की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने नासिर निवासी रामपुर चौराहा रामपुर व रामप्रसाद निवासी डेलापीर संजय नगर बरेली की मौत की सूचना उनके घर वालों दी।

मुरादाबाद। कोरोना की भयावहता ने स्वास्थ्य में जुटे कर्मचारियों के दिमाग को कुंद कर दिया है। ऐसी-ऐसी गलतियां कर रहे है। जिसे लोग ताउम्र नहीं भूल पाएंग। एक तरफ लोगों को अपनों के खोने का गम रहता है दूसरी तरफ ऐसी गलती कि जिसे कोई चाहकर भी भूला नहीं पाएगा।

ताजा मामला मुरादाबाद से सामने आए। यहां हिन्दू- मुस्लिम का शव आपस में बदल दिए गए। मुस्लिम परिवार ले जाकर हिन्दू  के शव को सुपर्द ए खाक कर दिया। इसके बाद पता चला वह तो एक हिन्दू का शव है। शव की हेराफेरी का पता लगते ही प्रशासनिक गलियारे में खलबली मच गई।

उच्चाधिकारियों की तत्परता से विवाद का पटाक्षेप हुआ। उधर घटना को लेकर हरिद्वार रोड स्थित न‍िजी अस्पताल के सामने देर रात तक अफरा तफरी का माहौल रहा।सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित आशियाना चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार के मुताबिक बरेली व रामपुर के रहने वाले दो लोग कोविड से पीड़ित थे।

उपचार के दौरान सोमवार देर रात दोनों की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने नासिर निवासी रामपुर चौराहा रामपुर व रामप्रसाद निवासी डेलापीर संजय नगर बरेली की मौत की सूचना उनके घर वालों दी। दोनों शव प्लास्टिक में सील पैक कर दिए गए।

मंगलवार को दोपहर नासिर के दो भाई निजी अस्पताल पहुंचे। भाई की मौत से दुखी दोनों भाइयों ने आसपास रखी दोनों शव में से एक बाॅडी उठा ली। रिश्तेदारों की मदद से दोनों ने चक्कर की मिलक स्थित कब्रिस्तान में भाई का शव दफन कर दिया। उधर बरेली के रहने वाले रामप्रताप के घर वाले भी शव लेने निजी अस्पताल पहुंचे।

शव से पॉलीथिन हटाते ही उड़ गए होश

अस्पताल से शव लेकर रामगंगा विहार स्थित श्मशान घाट पहुंचे रामप्रसाद के पुत्र को आभास हुआ कि शव उसके पिता का नहीं है। पुष्टि के लिए उसने शव के उपर से पालीथिन हटाया। शव देख युवक के होश उड़ गए। शव किसी और का मिला।

तब रामप्रसाद के घर वालों ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी सहसवीर सिंह से संपर्क किया। शव की हेराफेरी का आरोप अस्पताल प्रशासन पर मढ़ा। कुछ ही देर में पुलिस निजी अस्पताल पहुंच गई। अस्पताल में दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर नासिर के घर वालों की तलाश शुरू हुई। तब पता चला कि नासिर का शव चक्कर की मिलक में दफन कर दिया गया है। उसके दोनों भाइयों से पुलिस ने बात की। घटना की जानकारी सदर एसडीएम प्रशांत तिवारी व एएसपी अनिल यादव को दी गई।

अधिकारी पहुंचे कब्रिस्तान और शव निकलवाया

हंगामा होने पर प्रशासनिक अफसर चक्कर की मिलक पहुंचे। वहां कब्र में दफन रामप्रसाद का शव बाहर निकाला गया। इधर रामप्रसाद के घर वालों ने नासिर का शव उसके भाइयों के सुपुर्द किया। इसके बाद दोनों शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव की अदला-बदली को लेकर देर तक सिविल लाइंस क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा। इस तरह दो परिवार अपनों को खोने के बाद कई घंटे तक अंतिम संस्कार के लिए परेशान होते रहे है।


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