बाप-भाई को पसंद नहीं आया होने वाले दामाद का रंग, अपने ही घर में यूं बुझा दी गई ‘रोशनी‘

टीम भारत दीप |

पूरी कहानी गोंडा देहात कोतवाली के बाबापुरवा ठोरहंस गांव से शुरू होती हैै।
पूरी कहानी गोंडा देहात कोतवाली के बाबापुरवा ठोरहंस गांव से शुरू होती हैै।

उत्तर भारत में सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले भगवान राम और कृष्ण दोनों के रंग सांवले ही बताए गए हैं। उनकी इन्हीं सांवली सूरत पर भक्त दीवाना होने का दावा करते हैं। फिर भी कोई लड़की सांवले लड़के से विवाह नहीं कर सकती।

गोंडा। जिस भारत देश में लोग अपने ईश्वर की सांवली सूरत पर दीवाना होने का भजन गाते हों वहां एक युवती की इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह सांवले रंग वाले लड़के से शादी पर अड़ी थी। अब तक आपने देश में अंतर्जातीय, एक ही गांव-गोत्र में प्रेम विवाह के कारण ऑनर किलिंग का मामला सुना होगा। लेकिन, उत्तर प्रदेश के गोंडा का यह मामला सामाजिक विकृति का नया उदाहरण पेश करता है। 

उत्तर भारत में सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले भगवान राम और कृष्ण दोनों के रंग सांवले ही बताए गए हैं। उनकी इन्हीं सांवली सूरत पर भक्त दीवाना होने का दावा करते हैं। फिर भी कोई लड़की सांवले लड़के से विवाह नहीं कर सकती। उत्तर प्रदेश के गोंडा में यह नया सामाजिक कानून है। इसके लिखने वाले भी कोई और नहीं खुद लड़की के बाप और भाई हैं। 

पूरी कहानी गोंडा देहात कोतवाली के बाबापुरवा ठोरहंस गांव से शुरू होती हैै। यहां के चंद्रप्रकाश पांडेय की बेटी रोशनी को प्यार हो गया। उसे शायद अपने समाज का ढांचा भी पता होगा इसलिए उसने दिल भी सजातीय लड़के से ही लगाया। रोशनी का प्रेमी मनकापुर के बक्सरा आज्ञाराम कंुजलपुर का रहने वाला परमेश्वर पाठक था। रोशनी के चयन में शायद कोई खामी नहीं रही होगी। इसलिए दोनों परिवार शादी के लिए भी तैयार हो गए। 

शादी की तैयारियां चल रही थीं। दोनों परिवार आपस में रिश्तेदार भी हैं इसलिए मेलमिलाप भी ज्यादा था। इसी बीच लड़की के पिता चंद्रप्रकाश पांडेय और भाई राहुल को लड़के का रंग नापसंद आने लगा। परमेश्वर पाठक सांवले रंग के हैं लेकिन रोशनी को उनके रंग से कोई एतराज नहीं था। फिर उसे घर में ही लड़के के रंग को लेकर ताने दिए जाने लगे। 

धीरे-धीरे तानेे शादी न करने के दबाव में बदल गए। रोशनी ने पहले तो इस पर ज्यादा गौर नहीं किया लेकिन दबाव बढ़ा तो वह भी अड़ गई। उसने घर में साफ कह दिया कि शादी करेगी तो परमेश्वर से ही। 

बाप और भाई को घर की बेटी की यह बात नागवार गुजरी। उन्हें इस शादी को रोकने का एक ही तरीका सूझा। जो बेटी पिता की गोदी में खेली। भाई की गोदी चढ़कर विदा होने का ख्वाब देख रही थी। उसके बाप और भाई ने उसके हाथ बांधे और बिजली का करंट लगा दिया। घर की बिटिया घर में ही तड़प-तड़प कर मर गई। 

परमेश्वर ने बुलाई पुलिस 
लड़की के बाप और भाई ने पहले तो मामले को दुर्घटना का रंग देने का प्रयास किया। लेकिन, परमेश्वर को शक हुआ तो उसने पुलिस बुला ली। पुलिस ने जब गहनता से पूछताछ की तो बाप-बेटे टूट गए और रोशनी की हत्या का सच कबूल लिया। 


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