एसबीआई के खाता धारकों के लिए अच्छी खबर लेकिन एक बात से मायूस हो जाएंगे ग्राहक

टीम भारतदीप |

बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच एसबीआई खाता धारकों के लिए राहत भरी खबर आई है।
बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच एसबीआई खाता धारकों के लिए राहत भरी खबर आई है।

कोरोना संकट काल में बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच एसबीआई खाता धारकों के लिए कुछ राहत भरी खबर आई है। दरअसल देश के सबसे बड़े बैंकों में शुमार एसबीआई ने काफी समय से ग्राहकों के बैंक अकाउंट पर लगे मिनिमम बैलेंस लिमिट को हटा दिया हैं।

बैंकिंग डेस्क। कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। कोरोना संकट काल में बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच एसबीआई खाता धारकों के लिए कुछ राहत भरी खबर आई है।

दरअसल देश के सबसे बड़े बैंकों में शुमार एसबीआई ने काफी समय से ग्राहकों के बैंक अकाउंट पर लगे मिनिमम बैलेंस लिमिट को हटा दिया हैं। बैंक के इस फैसले को लेकर ग्राहक काफी खुश नजर आ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक एसबीआई अब से अपने बैंक से जुड़े ग्राहकों के बैंक अकाउंट में जीरो बैलेंस पर कोई जुर्माना नहीं लगाएगा। साथ ही बैंक की ओर से एसएमएस के जरिए समय-समय पर दी जाने वाली सेवा पर किसी भी प्रकार का कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। 

बता दें कि अब बैंक की ओर से एसएमएस के जरिए दी जाने वाली सेवा ग्राहकों के लिए बिल्कुल मुफ्त होगी लेकिन ग्राहकों के बचत बैंक खाते पर ब्याज की दर को कम किए जाने को लेकर जरूर ग्राहकों में मायूसी है।

एसबीआई द्वारा लिए गए तीनों फैसलों में से ग्राहक दो फैसलों पर तो खुश दिख रहे हैं, लेकिन तीसरे निर्णय जिसमें ब्याज दर को कम किया गया है, उसे लेकर ग्राहकों में निराशा साफ दिख रही है। बता दें कि पहले फैसले के तहत अब बैंक ने न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यानि अब अकाउंट में जीरो बैलेंस होने पर किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लिया जायेगा।

वहीं बैंक के इस ऐलान से पूर्व मेट्रो शहर के ग्राहकों को 3000 रुपए, कस्बों में रहने वालों के लिए 2000 रुपए और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को 1000 रुपए की न्यूनतम राशि अपने खातों में रखनी ही होती थी। खाते में न्यूनतम राशि से कम होने पर 15 रुपये तक का जुर्माना काट लिया जाता था।

एसबीआई बैंक द्वारा लिए गए दूसरे निर्णय के तहत हर तीन महीने में एसएमएस सेवा के लिए दिए जाने वाला शुल्क नहीं चुकाना होगा। वहीं बैंक का तीसरा फैसला ग्राहकों के लिए किसी झटके से कम नहीं है। बैंक ने अपने बचत खाताधारकों के बचत बैंक खाते में जमा राशि पर दिए जाने वाले ब्याज की दर में कटौती करते हुए अब बचत खाता में जमा राशि पर 3.25 फीसदी की ब्याज दर को कम करते हुए 3 फीसदी कर दिया है।

यानि जमा राशि पर अब तीन फीसदी की दर से वार्षिक ब्याज मिलेगा। हालांकि ये ग्राहकों के मुफीद बिल्कुल नहीं दिख रहा, लेकिन हो सकता है कि इस बुरे आर्थिक दौर से निकलने के लिए बनाए जा रही रणनीतियों में आगे आने वाले कुछ और फैसले लोगों के लिए काफी मुफीद हों।


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