लखनऊ:पारा चढ़ा तो रूलाने लगी बिजली, बार—बार की आवाजाही से बिलबिलाए लोग

टीम भारत दीप |
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बच्चे—बुजुर्ग सभी हलकान हैं।
बच्चे—बुजुर्ग सभी हलकान हैं।

राजधानी के अशियाना, विराटनगर, गोपालपुरी, स्नेहनगर, आलमबाग, आदि क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से बिजली की आवाजाही से यहां के लोग परेशान है। दिन के समय जब गर्मी अपना प्रचंड रूप अख्तियार करती है। तो बिजली भी अपनी बदहाली की कहानी बयां करने को मजबूर हो जाती है। बार—बार की आवाजाही के कारण लोग गर्मी में बिलबिलाने लगते है।

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में पारा चढ़ने के साथ ही अब बिजली ने लोगों को रूलाना शुरू कर दिया है। यहां बार—बार बिजली की आवाजाही से लोग गर्मी में बिलबिलाने को मजबूर है। दरअसल सूबे में बेहतर व्यवस्था को लेकर दांवे तो बहुतेरे किए जा रहे है लेकिन जमीन पर तस्वीर बद् से बद्तर ही नजर आती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली आदि किसी भी क्षेत्र को ले लीजिए।

दांवों से इतर जमीनी हालात देखने जाएंगे तो तस्वीर बदहाल ही नजर आएगी। बहरहाल बिजली की ही बात करें तो सूबे के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा यहां बिजली की बेहतर व्यवस्था को लेकर तमाम दांवे करते थकते नहीं है। ये भी है कि बीते कुछ वर्षो की तुलना में इसमें थोड़ा बहुत सुधार हुआ है। लेकिन पारा चढ़ते ही यहां बिजली की बदहाली का दौर ​शुरू हो जाता है। ये हाल हर बरस का है।

सो इस सीजन में भी कहानी हू—ब—हू दोहराई जा रही है। राजधानी के अशियाना, विराटनगर, गोपालपुरी, स्नेहनगर, आलमबाग, आदि क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से बिजली की आवाजाही से यहां के लोग परेशान है। दिन के समय जब गर्मी अपना प्रचंड रूप अख्तियार करती है। तो बिजली भी अपनी बदहाली की कहानी बयां करने को मजबूर हो जाती है।

बार—बार की आवाजाही के कारण लोग गर्मी में बिलबिलाने लगते है। शाम के समय में तो इसकी आवाजाही से बच्चे—बुजुर्ग सभी हलकान हो उठते हैं। फिर सरकार,अधिकारी व कर्मचारी को कोसने का सिलसिला शुरू हो जाता है। कई—कई बार तो फोन करने पर कोई कर्मचारी फोन ही नहीं उठाता। कोरोना संकटकाल में जहां लोग लॉकडाउन के कारण घर पर ही दुबकने को मजबूर हैं।

तो ऐसे में बिजली की किल्लत ने लोगों को और हलकान कर रखा है। केवल वाईआईपी रोड स्थित विराट नगर में ही बुधवार दोपहर 2 बजे से करीब 7 बजे के बीच यानी खबर लिखे जाने तक कईयों बार बिजली जा चुकी है। दिक्कत तब और बढ़ जाती है जब कई कई घंटे बिजली गुल हो जाती है। ये तो सिर्फ एक इलाके की कहानी है। बाकी का भी हाल इससे बहुत ज्यादा जुदा नहीं है।

तकरीबन हर क्षेत्र में ऐसा देखने—सुनने को मिलता है। ऐसे में बखूबी समझा जा सकता है कि दांवों से इतर हकीकत में हालात क्या है। अशियाना क्षेत्र की अनुपमा वर्मा बताती हैं कि ऐसा कोई दिन नहीं जब बिजली ने न रूलाया हो। कई बार तो घंटों बिजली गुल हो जाती है। उनके मुताबिक सरकार दावे तो ​बहुत करती है कि अब व्यवस्था बिल्कुल दुरूस्त चल रही है।

लेकिन गर्मी बढ़ते ही बिजली भी अपना रंग दिखा शुरू कर देती है। वहीं विराट नगर के रिशि मिश्र बताते है कि बिजली के हालात हर बरस इसी तरह हो जाते है। ज्यों—ज्यों पारा चढ़ता है,त्यों—त्यों बिजली भी रूलाना शुरू कर देती है। अब ऐसे में जब राजधानी का ये हाल है, तो दूर—दराज के क्षेत्रों का आलम क्या होगा, यह बखूबी समझा जा सकता है।

यूपी के अन्य जिलों के हालात भी इस कसौटी पर बखूबी परखे जा सकते है। 
 


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