एटा: वकीलों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने कहा, हालात को काबू पाने के लिए की थी सख्ती

टीम भारतदीप |

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से आक्रोशित अधिवक्ता घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से आक्रोशित अधिवक्ता घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।

मकान के स्वामित्व को लेकर हुई फायरिंग और पथराव के बाद हुई शासकीय अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर अधिवक्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच पाला खिंच गया है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई को लेकर अपनी सफाई पेश की है।

एटा। मकान के स्वामित्व को लेकर हुई फायरिंग और पथराव के बाद हुई शासकीय अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर अधिवक्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच पाला खिंच गया है। पुलिस की कार्रवाई से अधिवक्ताओं में गुस्सा है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई को लेकर अपनी सफाई पेश की है।

बता दें कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से आक्रोशित अधिवक्ता इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई के वायरल हुई वीडियो को लेकर पुलिस ने मीडिया में अपना पक्ष रखा है। पुलिस का कहना है कि अगर उस दिन पुलिस अपनी जान पर खेल कर एक्शन न लेती तो स्थिति बेकाबू हो जाती और इसमें कई लोगों की जानें जा सकती थी।

पुलिस का कहना है कि पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हल्का बल प्रयोग किया था। जिसकी वजह से आरोपी अधिवक्ता की गिरफ्तारी हो सकी और उसके बाद ही स्थिति पर काबू पाया जा सका था। बता दें कि वादी अविनाश शर्मा ने शासकीय अधिवक्ता राजेन्द्र शर्मा पर उसके परिवार के सदस्य को बंधक बनाने के बाद मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया था।

बताते चले कि फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस अधिवक्ताओं से अपनी स्थित साफ करने का प्रयास कर रही है। वहीं आक्रोशित अधिवक्ता पुलिस पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कटरा मोहल्ला में रहने वाले दो वकील परिवारों राजेंद्र शर्मा तथा अविनाश शर्मा के मध्य मकान की संपत्ति के स्वामित्व को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है।

वकील अविनाश शर्मा का आरोप है कि गत 20 दिसम्बर की रात वकील राजेंद्र शर्मा ने उनकी किराएदार रेखा शर्मा के परिवारिक व्यक्ति के कनपटी पर पिस्तौल रखकर उसके घर का सारा सामान रख लिया। अविनाश ने बताया कि राजेन्द्र ने रेखा और उसके पारिवारिक व्यक्ति के साथ मारपीट कर जबरदस्ती उसे घर से बाहर निकाल दिया।

आरोप है कि उसके दरवाजे पर अंदर से ईंट की दीवार खड़ी करके पूरे मकान को चारो तरफ से बंद कर लिया और उसकी जगह पर कब्जा कर लिया। इस सूचना पर रेखा शर्मा ने थाना कोतवाली नगर पर मकान पर कब्जा करने, लूटपाट करने तथा जान से मारने संबंधी तहरीर दी थी। इसके बाद कोतवाली नगर में वकील राजेंद्र शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।

आरोप ये भी है कि जब रेखा शर्मा अपने मकान पर पहुंची तो शासकीय वकील राजेंद्र शर्मा घर को चारों तरफ से बंद करके घर के अंदर से रेखा शर्मा तथा उनके लोगों पर पथराव कर रहा था। इस सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली नगर पुलिस फोर्स सहित मौके पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों को भी सूचना देकर पुलिस फोर्स को मौके पर बुलवाया।

जानकारी के मुताबिक मौके पर एसडीएम सदर तथा क्षेत्राधिकारी नगर भी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पुलिस फोर्स ने राजेंद्र शर्मा को बाहर से आवाज देकर पथराव करने को मना किया। आरोप है कि राजेन्द्र शर्मा ने दुस्साहस तरीके से पुलिस पार्टी पर छत पर चढ़कर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

बता दें कि फायरिंग की गोली एक राहगीर अरबाज को लग गयी। इसके बाद आनन-फानन में गोली से गंभीर घायल व्यक्ति को पुलिस द्वारा हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा।


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