यूपी: कोरोनाकाल में व्यवस्था का बुरा हाल, भाजपा विधायक ने सीएम योगी को लिखी चिट्ठी

टीम भारत दीप |
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आक्सीजन की अत्यधिक कमी है और आक्सीजन की कमी से ही ज्यादातर लोग मर रहे हैं।
आक्सीजन की अत्यधिक कमी है और आक्सीजन की कमी से ही ज्यादातर लोग मर रहे हैं।

यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहतरी के सरकारी दांवों से इतर जमीन पर हालात बद् से बद्तर नजर आते हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को लखीमपुर खीरी जिले में मोहम्मदी सीट से विधायक लोकेंद्र सिंह और कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

लखनऊ। कोरोना की त्रासदी के बीच यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहतरी के सरकारी दांवों से इतर जमीन पर हालात बद् से बद्तर नजर आते हैं। हालातों को लेकर सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि अब जनप्रतिनिधि भी मुखर हो रहे हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को लखीमपुर खीरी जिले में मोहम्मदी सीट से विधायक लोकेंद्र सिंह और कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में यूपी में कोरोना कितना भयावह होता जा रहा है, इसके हकीकत भी साफ झलकती नजर आ रही है।

बताते चलें कि इससे पहले भी अब तक एक सांसद और चार विधायकों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को अस्पतालों में बदहाली के बाबत चिट्ठी लिखी है। मगर हालात लगातार बद् से बद्तर बने हुए हैं। वहीं सरकार अपने दावे पर कायम है और लगातार दावा कर रही है कि यहां न तो ऑक्सीजन की कमी है, न ही बेड की।

विधायक लोकेंद्र सिंह ने सीएम को अपने लिखा, 'लखीमपुर जनपद कोरोना के प्रकोप से भयंकर रूप से पीड़ित है। निरंतर कोरोना पीड़ितों में बढ़ोत्तरी हो रही है। कोरोना थमने का नाम नहीं ले रहा है।' पत्र में कहा गया  'हम लोग असहाय होकर अपने लोगों को मरते हुए देख रहे हैं। किसी को बचा नहीं पा रहे हैं।

तमाम समाजसेवी पत्रकार, नेता, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, अधिवक्ता सहित तमाम लोग कालकल्वित हो गए हैं। ऐसा कोई गांव नहीं हैंं। जहां कोई कोरोना की चपेट में न हो।' पत्र में कहा गया,'लखीमपुर जनपद में आक्सीजन की अत्यधिक कमी है और आक्सीजन की कमी से ही ज्यादातर लोग मर रहे हैं। तहसील स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी आक्सीजन नहीं है।

इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारे लोग मरते चले जा रहे हैं। सभी विधायकों द्वारा विधायक निधि से अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र में 10-10 कंसन्ट्रेंटर की मांग की गई है। वह भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। सरकार द्वारा इस महामारी से निपटने के क्रम में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। लखीमपुर का जिला प्रशासन भी बड़ी मेहनत से लगा हुआ है,

मगर आक्सीजन की उपलब्धता न होने के कारण विवश हो जाता है।'विधायक ने अपने पत्र के मार्फत सीएम योगी से लखीमपुर जनपद में पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन उपलब्ध कराने की मांग की है। अपनी चिट्ठी की कॉपी उन्होंने लखीमपुर के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी भेजी है। वहीं इस बाबत उनसे बात नहीं हो सकी।

गौरतलब है कि कोरोना के चलते प्रदेश में अब तक 6 विधायकों की मौत हो चुकी है। इनमें 2 मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को रायबरेली के भाजपा विधायक दल बहादुर कोरी का भी निधन हो गया। कुछ दिनों पहले ही बरेली से विधायक केसर सिंह की मौत हुई थी।

इसके पूर्व औरैया सदर से भाजपा विधायक रमेश दिवाकर, लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तव, योगी कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण, क्रिकेटर से नेता बने नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान जैसे बड़े नाम भी कोरोना के चलते काल के गाल में समा चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कानपुर से सांसद सत्यदेव पचौरी ने भी डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्या को पत्र लिखकर कहा कि कानपुर में कोरोना से तमाम लोगों की लगातार काल के गाल में समा रहे है। उनमें से अधिकांश ऐसे मामले हैं, जिन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया। देश-विदेश के अनेक वैज्ञानिकों द्वारा यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर भी आ सकती है।

जो बहुत घातक हो सकता है। ऐसे में प्रभारी मंत्री होने के नाते किस प्रकार कानपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था, मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ,ऑक्सीजन व दवाओं की उपलब्धता एवं वैक्सीनेशन की सुचारू व्यवस्था बनाई जाए। ताकि तीसरी लहर से जनता को फिर वर्तमान कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। बताते चलें कि यहां स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था को लेकर लगातार आवाजें उठ रही हैं।

आक्सीजन, बेड व जरूरी दवाओं को लेकर विधायक लोकेंद्र के अलावा अब तक भाजपा के एक सांसद और चार विधायक पहले ही मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। इनमें मोहनलालगंज सीट से सांसद कौशल किशोर, बस्ती से विधायक हरीश द्विवेदी, भदोही से विधायक दीनानाथ भास्कर और कानून मंत्री ब्रजेश पाठक एवं बरेली से विधायक केसर सिंह के नाम शामिल हैं।

केसर सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को भी पत्र लिखा था। उन्होंने मैक्स अस्पताल में बेड की गुहार लगाई थी। मगर 24 घंटे तक न ICU मिला था न ही मैक्स अस्पताल। नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उनकी सांसें थम गई थीं।


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